
राजनांदगांव। पुलिस चौकी चिखली ने गौ-तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि एक अपचारी बालक को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में भेजा गया है। इस कार्रवाई में तस्करों से 6 नग कृषक मवेशियों को सुरक्षित बचाया गया है, जिन्हें कत्लखाने ले जाया जा रहा था। साथ ही घटना में प्रयुक्त दो वाहनों को भी जब्त किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 12.12.2025 की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुलदेव शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन (भापुसे) के पर्यवेक्षण में चौकी प्रभारी चिखली के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ एवं गौ सेवकों के साथ ग्राम तिलई के पास खैरागढ़ की ओर चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान दो वाहनों क्रमांक CG 22 AG 1100 एवं CG 04 QG 5390 को रोका गया। जांच करने पर दोनों वाहनों में तीन-तीन भैंस एवं भैंसी को अत्यंत क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर ले जाते पाया गया। वाहन सवार सत्यप्रकाश धृतलहरे, मनोज कुमार साहू, मोहनदास मानिकपुरी एवं एक अपचारी बालक से पूछताछ करने पर मवेशियों को भाटापारा (बलौदाबाजार) से लॉजी, बालाघाट ले जाना बताया गया, परंतु किसी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
पुलिस द्वारा मवेशियों का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उन्हें गौशाला में सुरक्षित रखा गया। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अपचारी बालक को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में भेजा गया है।
इस कार्रवाई में कुल 6 नग गौवंश (कीमत लगभग 1,20,000 रुपये) एवं 2 वाहन (कीमत लगभग 10,00,000 रुपये) जब्त किए गए, कुल जब्ती मूल्य लगभग 11,20,000 रुपये आंका गया है।
उक्त कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, सउनि शत्रुहन टण्डन, प्र.आर. अरुण कुमार नेताम, म.प्र.आर. वंदना पटले, आरक्षक आदित्य सोलंकी, सुनील बैरागी, चन्द्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, किशोर मार्बल एवं चौकी चिखली स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।









































