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राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ कब और कैसे मनाई जाती है हरितालिका तीज का पर्व, जानिए…

राजनांदगांव- भाद्रपद महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला पर्व हरतालिका तीज भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है, इनके बीच दिव्य मिलन को एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या और उपवास किया था। इसके लिए माता वर्षों तक ध्यान में लीन रहीं। अंत में भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए, देवी पार्वती को उन्होंने अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

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ऐसे मनाई जाती है हरतालिका तीज

हरतालिका तीज के दिन विवाहित महिलाएं पारंपरिक वस्त्र, हाथों में मेहंदी और गहने आदि पहन कर मिट्टी के गौरी-शंकर बनाकर दूध, फूल, फल और मिठाई अर्पित कर पूरी रात उनकी पूजा-अर्चना करती हैं, साथ ही अपने पति और परिवार की मंगलकामना करती हैं। कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए तीज का व्रत रखती हैं। इस दौरान शादीशुदा और कुंवारी कन्याएं पूरे दिन बिना अन्न जल ग्रहण किए अपना उपवास पूर्ण करती हैं।

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