राजनांदगांव/छुरिया: मनरेगा में फर्जी हाजिरी की जांच में पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेरा…


राजनांदगांव/छुरिया- विकासखण्ड के ग्राम पंचायत चांदो में मनरेगा के निर्माणाधीन कार्य में मस्टर रोल में फर्जी हाजिरी भरे जाने को लेकर उपसरपंच, पंच एवं ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टर राजनांदगांव से की थी । मामले को गंभीरतासे लेते हुए कलेक्टर ने जनपद सीईओ छुरिया को जांच दल गठन कर कायर्वाही करने निर्देशित किया था ।

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इसी मामले को लेकर शुक्रवार को जांच दल चांदो पहुंचे हुए थे । जहां ग्रामीण उन्हें मस्टर रोल में गड़बड़ी को लेकर अपना पक्ष रख रहे थे । लेकिन जांच से असंतुष्ट ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया । लगभग एक घण्टे तक हंगामा मचा रहा । मौका देख जांच दल के अधिकारी बगैर जांच के ही बैरंग लौट आए।

मिली जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत चांदो में मनरेगा के तहत गौठान एवं मुक्तिधाम का निर्माण कार्य प्रारंभ है । ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच एवं रोजगार सहायक की मिलीभगत से इस कार्य में आठ पंच व भृत्य का लगभग 166 दिनों की फर्जी हाजिरी भरा गया है । जबकि इन लोगों के द्वारा मनरेगा में कार्य ही नहीं किया गया है ।

शिकायत मिलने पर जिला कार्यालय राजनांदगांव से जनपद सीईओ छुरिया प्रदीप प्रधान को इस मामले की जांच कायर्वाही करने आदेशित किया गया था । जिसके बाद मनरेगा में फर्जी हाजिरी की जांच को लेकर जनपद पंचायत द्वारा पांच अधिकारियों का दल जिसमें मोहित पडोटी मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, श्रीकांत देवांगन सब इंजीनियर आरईएस, केश्वरी देवांगन एडीओ, घनश्याम ठाकुर करारोपण अधिकारी, चन्द्रशेखर धुर्वे तकनीकी सहायक, को जांच का जिम्मा सौंपा गया था ।

शुक्रवार को जांच दल ग्राम पंचायत चांदो पहुंचे जहां फर्जी हाजिरी को लेकर ग्रामीणों की शिकायत सुनी गई । शिकायत को अनसुना करने पर ग्रामीण जांच दल पर एकतरफा कायर्वाही को लेकर भड़क गए और उनका घेराव कर दिए । मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने जांच कायर्वाही स्थगित कर वापस लौट आए ।

हंगामा देख 112 बुलाना पड़ा
चांदो में मनरेगा के निर्माण कार्य में जांच दल के जवाब से असंतुष्ट ग्रामीणों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया । हंगामे को देख 112 को बुलाना पड़ा लेकिन तब तक जांच दल के अधिकारी जांच कायर्वाही स्थगित कर लौट चुके थे ।


ग्रामीण ने लगाया जांच दल पर आरोप
मनरेगा में फर्जी हाजिरी को लेकर ग्रामीणों ने जांच दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं । उन्होंने कहा है कि सरपंच एवं रोजगार सहायक को बचाने के लिए जांच अधिकारी भीड़ का बहाना बना रहे हैं जबकि मनरेगा के निर्माण कार्य में सैकड़ों मजदूर कार्य करते हैं, तब इन मजदूरों के प्रति कोरोना का खौफ इन अधिकारियों को नहीं रहता है ।
जिला कार्यालय राजनांदगांव से प्राप्त निर्देशानुसार जांच दल का गठन किया गया था । जहां भीड़ देखकर कोविड -19, नियमों का उल्लंघन होने की वजह से जांच स्थगित किया गया है ।