राजनांदगांव : जनपद सदस्य की प्रताड़ना से रामाटोला के उपसरपंच ने की आत्महत्या , सर्व आदिवासी समाज ने एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की मांग…

राजनांदगांव जनपद सदस्य बाद जनपद के कृषि सभापति महेश सेन पर उनके निर्वाचन क्षेत्र के आदिवासी महिला सरपंच ने भवन निर्माण के लिए राशि आहरित कर गबन कर लेने व जातिगत गाली गलौज करने का आरोप लगाया है मामले की शिकायत के दूसरे ही दिन एक और आदिवासी पूर्व सरपंच के पति ने विधायक से पंचायत में काम दिलाने के नाम पर एक लाख रूपए लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है।

2 दिन के भीतर डोंगरगढ़ क्षेत्र से दो आदिवासी जनप्रतिनिधियों की शिकायत सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है । दोनों आरोप पर सभापति महेश सेन ने निराधार बताते हुए युवा कांग्रेस व युवा का चुनाव लड़ने से रोकने के लिए इसे राजनीतिक हथकंडा बताया। रामाटोला की सरपंच चित्रलेखा मंडावी ने पुलिस को के शिकायत में बताएं कि रामाटोला हायर सेकेंडरी स्कूल में कंप्यूटर कक्ष, प्रयोगशाला रूम का निर्माण हो रहा है इसके लिए करीब 14 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं निर्माण एजेंसी सरपंच है लेकिन कार्य सभापति महेश सेन द्वारा कर अग्रिम राशि आहरित कर ली गई है राशि आहरण करने के बाद कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है इसी बात को लेकर सरपंच ने जब सभापति से चर्चा की तो महिला सरपंच के साथ गाली गलौज करने का आरोप शिकायत पत्र में की है।


आदिवासी महिला होने की वजह से मामला एसटी एससी थाने तक पहुंच गया है शिकायत के बाद महिला सरपंच से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है इसके ठीक दूसरे दिन अम्लीडीह के पूर्व सरपंच प्रति यादराम चंद्रवंशी भी पूर्व कार्यकाल में निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए एक लाख रूपए लेने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की है उन्होंने करीब 3 साल पहले के मामले में आरोप अब लगाया है।


अब तक राशि वापस नहीं हुई यादराम ने बताया कि महेश सैनी डोंगरगांव विधायक प्रतिनिधि रहते हुए सीसी रोड निर्माण स्वीकृत कराने के लिए एक लाख रूपए लिया था लेकिन अब तक राशि वापस नहीं हुई सीसी रोड स्वीकृत नहीं होने पर दिए गए एक लाख रूपए को वापस मांगने पर सभापति द्वारा जातिगत गाली गलौज किया गया आदिवासी जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार दो आरोप सामने आने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है हालांकि अभी तक दोनों आरोपी की पुष्टि नहीं हुई है महेश सेन डोंगरगढ़ दिलेश्वर साहू के समर्थक है तो यही जिला अध्यक्ष पद के लिए जिले के बड़े नेताओं के समर्थक चुनावी मैदान में हैं इसलिए पार्टी में भी चुनाव से पहले खींचतान मची हुई है।

आरोपी की जांच हो सच सामने आएगा
सभापति महेश सेन ने कहा है कि संगठन में चुनाव हो रहा है इसके लिए मैंने भी नामांकन भरा है मेरे ऊपर नाम वापस लेने के लिए कांग्रेस पार्टी के ही नेताओं ने काफी दबाव बनाया लेकिन नाम वापस नहीं लेने पर अब राजनीतिक हथकंडे अपनाकर चुनाव लड़ने से रोकने के लिए साजिश के तहत आदिवासी जनप्रतिनिधियों को सामने किया जा रहा है जबकि दोनों आरोप पर जांच होगी तो पूरा सच सामने आ जाएगा । रामाटोला सरपंच के आरोप पर जांच के लिए मैं तैयार हूं। यदि मैंने पूर्व सरपंच पति से रकम लिया था तो 3 वर्षों तक शिकायत ना कर संगठन चुनाव के दौरान सामने क्यों आ रहे हैं सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।