
राजनांदगांव। जिले के गत वर्ष के बोर्ड परिणाम में आई कमी को देखते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव सीईओ सुरुचि सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल के निर्देशन में नियमित रूप से जिले के कंट्रोल रूम से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के द्वारा ऑनलाइन कक्षा का संचालन प्रतिदिन किया जा रहा है ।

आज जिले के कंट्रोल रूम से जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल ने स्वयं अपने पढ़ाया जाने वाले विषय रसायन को लेकर कक्षा 12वीं के बच्चों को लेकर ऑनलाइन क्लास का संचालन किया।
विदित हो की बोर्ड परिणाम को बेहतर करने , एवं कठिन विषयों के महत्वपूर्ण टॉपिक को लेकर ब्लूप्रिंट आधारित तैयारी ऑनलाइन क्लास के माध्यम से सतत रूप से की जा रही है ।
इसी कड़ी में आज स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने द्वारा ली जाने वाली विषय रसायन को लेकर 12वीं में अध्ययनरत जिले के सभी बच्चों से रसायन विषय को लेकर ऑनलाइन कक्षा का संचालन किया ।
जिसमें उनके द्वारा , विषयगत महत्वपूर्ण टॉपिक एवं बच्चों के डाउट्स तथा ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्नों के आधार पर ऑनलाइन क्लास का संचालन किया ।
जिले के लिए और विषय शिक्षकों के लिए यह एक प्रेरणादायक अवसर है कि जिले के शिक्षा विभाग के मुखिया के द्वारा स्वयं भी अपने महत्वपूर्ण विषय को लेकर ऑनलाइन कक्षा का संचालन नियमित रूप से किया जाता है ।
इस प्रकार के कक्षा का संचालन पूर्व में भी नियमित रूप से जिला शिक्षा अधिकारी महोदय ने ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से किया है ।
ऑनलाइन कक्षा में जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा पढ़ाई जाने वाले विषय को लेकर बच्चों से भी चर्चाएं की गई फीडबैक लिए गए । जिसमें बच्चों ने बहुत ही सकारात्मक उत्तर उनके कक्षा संचालन को लेकर दिया ,और उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी महोदय के इस प्रयास को बहुत तारीफ की और निसंदेह शिक्षकों के द्वारा भी यह एक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय है कि जिले के पहले शिक्षा अधिकारी हैं जिनके द्वारा अध्ययन अध्यापन को लेकर परिणाम को लेकर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नियमित रूप से बच्चों से शिक्षकों से संस्थाओं से प्राचार्यो से चर्चा की जाती है ऑनलाइन कक्षा का संचालन और अध्यापन का कार्य उनके द्वारा किया जा रहा है । जिससे बच्चों में बोर्ड परिणाम तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर स्थान लेकर उनका चयन राज्य स्तर पर हो केंद्रीय स्तर पर हो जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। तथा जिले में प्रतियोगी भावना का विकास सकारात्मक रूप से हो । और अपना कैरियर बेहतर तरीके से निर्माण कर सके।









































