राजनांदगांव: जिले मे कोरोना संक्रमण के बढते दर को देखते हुए और लोगो व्दारा लापरवाही बरतने के मद्देनजर कलेक्टोरेट सभागृह ….

राजनांदगांव कलेक्टोरेट सभागृह मे कोरोना रोकथाम के लिए आयोजित बैठक मे कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण की संख्या कम होने के बाद लोगों की लापरवाही के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से शहर के सभी क्षेत्रों से कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, यह चिंता का विषय है। कोविड-19 संक्रमण के फैलाव का प्रमुख कारण प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना है। इसे रोकने के लिए सभी नागरिक शासन द्वारा जारी प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। प्रत्येक दुकानदार तथा नागरिक भी मास्क जरूर लगाएं। प्रशासन लगातार जागरूकता लाने का कार्य कर रही है। राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र सीमा से लगे होने के कारण लोगों का पारिवारिक और व्यापारिक संबंध है, जिससे संक्रमण की संभावना अधिक है। सभी नागरिकों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सतर्क रहना जरूरी है।

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इस मौके पर नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने नागरिकों को कोरोना प्रोटोकॉल पालन करने  मास्क लगाने और, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए हाथ को बार-बार साबुन से धोने की अपील की है। उन्होने कहा कि कोविड -19 के पालन नही करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि जिले में पिछले वर्ष मार्च में पहला केस आया था। लेकिन इस वर्ष मार्च में अभी तक 74 कोरोना के मरीज मिले हैं। इसका मुख्य कारण प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना है। कोविड-19 का नया रूप और भी खतरनाक है। इससे बचने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। कोविड-19 से मृत्यु का कारण लापरवाही बरतना है। लोग लक्षण होने के बाद समय पर जांच नहीं कराते।  उन्होने सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण होने पर 24 घंटे के भीतर कोविड-19 की जांच जरूर कराने की अपील की है ।