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राजनांदगांव : जिले मे राईस मिल व्यवसाय को पुर्नजीवित करने हेतु प्रदेश सरकार व्दारा कस्टम मिलिग की राशि मे बढोतरी किये जाने से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया…

राजनांदगांव जिले मे राईस मिल व्यवसाय को पुर्नजीवित करने हेतु प्रदेश सरकार व्दारा कस्टम मिलिग की राशि मे बढोतरी किये जाने से राईस मिलर एशोसिएशन ने एक कार्यक्रम आयोजित कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया है पहले राईस मिलर को कस्टम मिलिग की राशि 40 रु प्रति क्विटल दर से मिलता था लेकिन अब कस्टम मिलिग की राशि मे 120 प्रति क्विटल की दर से वृध्दि की गई है ।

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कस्टम मिलिग की राशि मे प्रदेश सरकार व्दारा वृध्दि किये जाने से राईस मिलर एशोसिएशन ने राजनांदगांव जिले के एक निजी हाँटल मे कार्यक्रम आयोजित कर आभार जताया है ।कार्यक्रम मे जिला सहकारी केन्द्रीय बैक के अध्यक्ष नवाज खान, छग राईस मिलर्स एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश रुगटा सहित जिले भर के राईस मिलर उपस्थित थे ।इस अवसर पर जिला सहकारी बैक के अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि राईस मिल छग का सबसे बडा व्यवसाय है जिसमे हजारो की संख्या मे मजदूर और किसानो को रोजगार मिला हुआ है ।राईस मिल का व्यवसाय मृत प्राय हो गया था और मिलर्स लगातार कस्टम मिलिग की राशि बढाये जाने की मांग कर रहे थे ।जिस पर प्रदेश सरकार ने कस्टम मिलिग की दर 40 रुपये प्रति क्विटल से बढाकर 120 रुपये कर इस व्यवसाय को संकट से उबारा है ।

कार्यक्रम मे छत्तीसगढ राईस मिल एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश रुगटा और राईस मिलर्स के जिला अध्यक्ष आशीष खण्डेवाल ने कहा कि पूर्व मे राईस मिल बहुत कठिन दौर से गुजर रहा था।राज्य सरकार ने राईस मिल को पुर्नजीवित करने मे उदारता दिखाई है ।

राज्य सरकार व्दारा कस्टम मिलिग की राशि मे बढोतरी किये जाने से न केवल राईस मिलर्स को लाभ होगा बल्कि इन मिलो मे कार्य करने वाले मजदूरो का जीवन सुधरेगा । कार्यक्रम के दौरान एशोसिएशन के पदाधिकारीयो का सम्मान भी किया गया ।

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