
राजनांदगांव।
गणेश उत्सव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं साउंड सिस्टम के नियंत्रित उपयोग को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की उपस्थिति में डीजे संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. मारकंडे, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा, तथा थाना प्रभारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।

बैठक में डीजे संचालक संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। गणेश उत्सव के दौरान चौक-चौराहों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं व निकलने वाली झांकियों को लेकर डीजे संचालन के नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई। संचालकों ने हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समयावधि के नियमों के पालन की सहमति दी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:
डीजे संचालन के लिए अनिवार्य रूप से अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) से अनुमति लेनी होगी।
केवल मानक साउंड सिस्टम का ही उपयोग किया जाएगा, और उसमें भी निर्धारित डेसिबल स्तर का पालन अनिवार्य होगा।
झांकी में प्रयोग होने वाले वाहनों को छोटे व हल्के वाहनों तक सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अश्लील, उत्तेजक या असभ्य गीतों के बजाने पर सख्त मनाही होगी। डीजे संचालकों को इस नियम का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।
समिति सदस्यों एवं आयोजकों से संवाद कर अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया गया।
प्रशासन ने बताया कि गणेश उत्सव एक सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है, जिसे आपसी समन्वय व शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार निगरानी की व्यवस्था रहेगी।
डीजे संचालक संघ द्वारा प्रशासन को आश्वस्त किया गया कि वे पूरी गंभीरता से निर्देशों का पालन करेंगे और उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति या अव्यवस्था से बचने में सहयोग करेंगे।
इस बैठक से पूर्व की भांति इस वर्ष भी नगर के विभिन्न मोहल्लों व चौक-चौराहों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। रंग-बिरंगी झांकियों और उत्साहपूर्ण विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी रहने की संभावना है।
प्रशासन की इस पहल को लेकर आमजन में भी सकारात्मक संदेश गया है कि गणेश उत्सव की गरिमा को बनाए रखने हेतु सभी पक्ष मिलकर कार्य कर रहे हैं।









































