राजनांदगांव : देश की बेटियां सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा…

राजनांदगांव : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने आज पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सृजन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मान समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं कमजोर नहीं सक्षम है। जीवन में कई तरह की परिस्थितियां आती है और महिलाएं कठिन परिस्थितियों का सामना कर भी सशक्त बन रही हंै।

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उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली है छत्तीसगढ़ में महिला प्रताडऩा की घटना कम होती है और नारियों का सम्मान होता है। प्रदेश और देश की बेटियां सभी क्षेत्रों में अपना नाम रौशन कर रही हैं। राजनीतिक, व्यावसायिक, शिक्षा, सामाजिक जैसे सभी क्षेत्रों में बेटियां आगे बढ़ रही हंै।

लोक सेवा आयोग, राज्य सेवा आयोग, महाविद्यालय और बोर्ड की परीक्षाओं में बेटियां अव्वल आ रही हंै। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में महिलाओं को मतदान के अधिकार और समानता के अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन हमारे देश में आजादी के बाद से ही महिलाओं को मताधिकार एवं समानता का अधिकार संवैधानिक रूप से प्राप्त हुआ। हम सभी को अपने आस-पास महिलाओं को संगठित कर एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच के अनुरूप प्रदेश में महिलाएं स्वावलंबी एवं सशक्त बन रही है। महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं अपने परिवार को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में आमंत्रण के लिए अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू को धन्यवाद दिया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अपना विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाएं कमजोर नहीं है और पुरूष अत्याचारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि पुरूष यह मानते हंै कि उनकी सफलता के पीछे उनकी माता, पत्नी या बेटी का हाथ होता है। हमारे देश में शक्ति के लिए मां दुर्गा और काली की पूजा तथा ज्ञान के लिए माता सरस्वती की पूजा करने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में महिला का सम्मान होता है, वहां समृद्धि आती है। समाज में कही कोई महिला परेशान दिखे तो उसका साथ देने के लिए तैयार रहें। हर महिला महत्वपूर्ण है।

महिलाओं से संबंधित अपराध में कमी लाने के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। महिला संबंधी अपराध एवं प्रताडऩा के प्रकरणों में यदि कोई थाना नहीं जाना चाहे तो राज्य महिला आयोग के पते पर पत्र भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि सिविल कोर्ट के तहत आयोग को यह अधिकार है कि महिलाओं से संबंधित हर तरह के प्रकरणों में सुलह-समझौता करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जनसुनवाई करते हुए आयोग द्वारा 1100 मामलों का निराकरण किया गया है, जो भारत में एक रिकार्ड है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि अपनी सेहत का ख्याल रखे और हमेशा खुश रहें।इस अवसर पर मंचस्थ अतिथि पद्मश्री श्रीमती फूलबासन यादव, सृजन फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती जयश्री साहू, डॉ. साधना तिवारी, श्रीमती शारदा तिवारी, श्रीमती टिकेश्वरी कौशिक, श्रीमती अर्चना दास, श्रीमती अजमीना अली एवं श्रीमती प्रीति वैष्णव उपस्थित थे।

अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश एवं अन्य अतिथि उपस्थित थे।दामिनी नाट्य मंचन की सशक्त एवं प्रभावी प्रस्तुति-इस अवसर पर गरियाबंद जिले के रंग सरोवर के दामिनी नाट्य मंचन की सशक्त एवं प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को अत्यधिक प्रभावित किया। नाट्य मंचन के माध्यम से बलात्कार, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, टोनही प्रथा जैसी घृणित विकृति एवं कुरीतियों को समाज से दूर करने का आव्हान किया गया और यह संदेश दिया गया कि नारी सशक्त है।