
राजनांदगांव। बिजली उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक मिलने वालों छूट को कम कर 100 यूनिट करने का निर्णय काफ़ी भारी पड़ रहा है। चालू माह में उपभोक्ताओं को दो से तीन गुना अधिक राशि का बिल मिला है ऊपर से तुर्रा यह है कि आए दिन लोगों को बिजली की आंख मिचौली का सामना करना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने सभी वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक छूट दिया था जिससे बिल काफ़ी कम आ रहा था। हाल ही में भाजपा सरकार ने फैसले को पलटते हुए केवल 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को छूट देना तय किया है। इस छूट का गिने चुने उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है वहीं शेष को भारी भरकम राशि चुकाना पड़ रहा है। वर्तमान में 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिल रही है।
उपभोक्ताओं को पूरी खपत का भुगतान करना पड़ रहा है। शहर के उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले वह 5 से 6 सौ रुपए भुगतान करते थे किन्तु वर्तमान में उन्हे हजार से 12 सौ तक का बिजली बिल मिला है।
छूट खत्म होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी
जानकारी के अनुसार मिडिल क्लास परिवार में लगभग 400 यूनिट बिजली की खपत होती है जिसके कारण उन्हे छूट के दायरे से बाहर कर दिया गया है। लोगों की शिकायत यह भी है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से अधिक राशि बिल आ रहा है। छूट खत्म होने के बाद भारी भरकम राशि का बिल आने से उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी है।
सरकार ने लादा बोझ
जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव ने कहा कि मंहगाई कम करने का वादा करने वाली डबल इंजन सरकार ने जनता पर बड़ा आर्थिक बोझ लाद दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए 400 यूनिट तक छूट दिया गया था जिसे कम कर सरकार ने 100 यूनिट कर दिया है जिसका फायदा ऊंगलियों में गिनने लायक लोगों को मिल रहा है।
निवाला छीन रही सरकार
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संध्या साहू ने कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार दे रही है वहीं दूसरी बिजली के दाम को बढ़ाकर वहीं रकम वसूल कर रही है। बिजली में मिलने वाली छूट को छीनने से सरकार का जनविरोधी चेहरा सामने आ गया है। सरकार को जनहित में अपना फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए।









































