राजनांदगांव: पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बसों की चेकिंग की गई…


राजनांदगांव। सड़क सुरक्षा माह में आज दिनांक 18.01.2026 को सुश्री अंकिता शर्मा पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव के निर्देशन में एवं श्री पुष्पेन्द्र नायक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव एवं अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री आनंद शर्मा के मार्गदर्शन में परिवहन स्टॉफ एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से संस्कार सिटी स्कूल, युगान्तर पब्लिक स्कूल, एरॉन जेस्टसन, यशोदा पब्लिक स्कूल, गायत्री विद्यापीठ, गायत्री गुरूकुल, अजीज पब्लिक स्कूल, एनबीआईएस बोरी, एनपीपीएस राज. रॉयल किड्स कॉन्वेंट, अधविता पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नीरज विद्या मंदिर, आरपीएस स्कूल राज., सरस्वती शिशु मंदिर डोंगरगढ़, अनुपम विद्यालय सहसपुर दल्ली द्वारा *104 स्कूली बसों* का माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार स्कूल बसों का भौतिक सत्यापन एवं दस्तावेज चेकिंग किया गया।

Advertisements

जिसमें 02 स्कूली बस अनफिट पाया गया जिससे 4300/- रूपये जुर्माना वसूला गया। वाहनों के भौतिक सत्यापन एवं दस्तावेज के साथ-साथ डॉ. नरेश चंद्रलांगे, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं डॉ. गौरव चिकित्सा अधिकारी, श्री संजीव यादव नेत्र सहायक अधिकारी की उपस्थिति में वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य किया गया। माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार स्कूल बसों में निम्न सभी सुरक्षा उपकरण लगे होने चाहिए-
स्कूली बस का पीला होना,
बस की खिड़कियों में समानांतर जॉली लगा होना,
प्रत्येक स्कूल बस में प्राथमिक उपचार पेटी एवं अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था होना।
एक प्रशिक्षित परिचालक का होना जो बच्चों को उतारने एवं चढ़ाने में सहायता करेगा।
स्कूली बस चालकों को भारी वाहन चलाने का 05 वर्ष का अनुभव होना।
प्रत्येक स्कूल बस में सीट के नीचे बस्ता रखने पर्याप्त स्थान होना।
बस में स्पीड गर्वनर लगा होना।


स्कूल बस का प्रवेश द्वार विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम से युक्त होगा।
प्रत्येक स्कूल बस के दाहिनी ओर एक आपातकालीन दरवाजा होना, जो हमेशा अच्छी स्थिति में बंद रहेगा, जिसे केवल आपातकालीन स्थिति में ही खोला जायेगा।
प्रत्येक स्कूल बस में वैध बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र एवं कर जमा होने का प्रमाण पत्र होना।
स्कूल बसों का 12 वर्ष से अधिक पुरानी नही होना।
स्कूली बस चालकों का नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
सभी स्कूली बस संचालकों से अपील है, कि विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, यातायात नियमों का पालन करें एवं सुरक्षित रहे।