राजनांदगांव : फ़ोटोग्राफ़ी में नए करियर अवसर: शिशु और मातृत्व फ़ोटोग्राफ़ी का बढ़ता आकर्षण…

राजनांदगांव । आज की छवि-प्रधान दुनिया में फ़ोटोग्राफ़ी एक उभरता हुआ और विविध अवसरों से भरा करियर बन चुका है। खासकर शिशु और मातृत्व फ़ोटोग्राफ़ी (Baby & Maternity Photography) ने हाल के वर्षों में तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की है। पहले इसे एक विलासिता समझा जाता था, लेकिन अब यह आधुनिक पारिवारिक जीवन का अहम हिस्सा बन गया है।

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युवा जोड़े और परिवार गर्भावस्था से लेकर नवजात शिशु के शुरुआती दिनों तक के अनमोल पलों को पेशेवर फ़ोटोग्राफ़रों के माध्यम से संजोना चाहते हैं। यही बढ़ती माँग इस क्षेत्र को एक आकर्षक करियर विकल्प बना रही है।

संस्थागत प्रशिक्षण दे रहा बढ़त

फ़ोटोग्राफ़ी और फ़िल्म निर्माण में औपचारिक डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को इस क्षेत्र में विशेष बढ़त मिल रही है। विश्वविद्यालय और संस्थान अब ऐसे कार्यक्रम चला रहे हैं, जिनमें प्रकाश व्यवस्था, रचना, पोस्ट-प्रोडक्शन, क्लाइंट हैंडलिंग और कहानी कहने की कला का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे विद्यार्थी पेशेवर पोर्टफोलियो और आत्मविश्वास के साथ उद्योग में प्रवेश कर पाते हैं।

सोशल मीडिया से प्रेरित रुझान

इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म ने इस शैली को और लोकप्रिय बना दिया है। मिल्क बाथ मैटरनिटी पोर्ट्रेट्स, बेबी थीम शूट, मंथली माइलस्टोन फ़ोटोज़ जैसे ट्रेंड लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कई समर्पित स्टूडियो अब थीम आधारित पैकेज, प्रॉप्स और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध करा रहे हैं।

करियर में स्थिरता और संतुष्टि

यह क्षेत्र न केवल रचनात्मक संतुष्टि देता है बल्कि स्थिर काम और लंबे समय तक क्लाइंट संबंध भी सुनिश्चित करता है। जन्मदिन, पारिवारिक समारोह और अन्य आयोजनों के लिए परिवार बार-बार इन्हीं फ़ोटोग्राफ़रों को प्राथमिकता देते हैं। बिज़नेस मॉडल भी विविध हैं—फ्रीलांसिंग और होम स्टूडियो से लेकर अस्पतालों, बेबी ब्रांड्स और इन्फ़्लुएंसर नेटवर्क के साथ साझेदारी तक।

चुनौतियाँ और ज़िम्मेदारियाँ

हालाँकि इस क्षेत्र में सिर्फ एक अच्छे कैमरे का मालिक होना काफ़ी नहीं है। धैर्य, संवेदनशीलता और नवजात शिशुओं व गर्भवती माताओं को सावधानी से संभालने की क्षमता बेहद ज़रूरी है। कई पेशेवर सुरक्षा और पोज़िंग वर्कशॉप में प्रशिक्षण लेकर अपनी विश्वसनीयता बढ़ाते हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

भले ही प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन फ़ोटोग्राफ़ी और फ़िल्म निर्माण में औपचारिक शिक्षा प्राप्त लोग ग्राहकों की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं। यह करियर केवल तस्वीरें खींचने का काम नहीं, बल्कि जीवन के अनमोल क्षणों को हमेशा के लिए संजोने की कला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में शिशु और मातृत्व फ़ोटोग्राफ़ी एक जीवंत, भावनात्मक और आर्थिक रूप से लाभदायक करियर पथ के रूप में अपनी जगह और मज़बूत करेगी।

लेखक – डुलसी सूरी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी