राजनांदगांव : बंद पेट्रोल पंप की खाली टंकी में डालकर छुपाई लाश, दोस्तों ने मिलकर की थी हत्या…

राजनांदगांव, 25 अगस्त। एक सप्ताह पूर्व अचानक लापता हुए राजमिस्त्री का शव आज पुलिस के हाथ लगा। मृतक को उसके साथियों द्वारा मारकर बंद पेट्रोल पंप की खाली टंकी में डालकर ऊपर से ढक्कन लगा दिया गया था। मृतक की हत्या करने से पूर्व सभी ने शराब पी थी।

दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे जो कारण सामने आया है वह एक राजमिस्त्री द्वारा आरोपी की पत्नी के झुमके को गिरवी रख देने के रूप में बताया जा रहा है। मृतक ने राजनांदगांव के ज्वेलर्स व्यापारी के पास उक्त झुमके गिरवी रखे थे। पैसे न होने से उसे छुड़ा नहीं पा रहा था। भादंवि की धारा 302, 201, 34 के तहत दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

घुमका थाने में 20 अगस्त को प्रार्थी रामखिलावन वर्मा निवासी टुरीपार ने अपने छोटे भाई अशोक वर्मा पिता स्व. चतुर वर्मा (42) निवासी ग्राम टुरीपार थाना घुमका में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। गुम इंसान जांच कार्यवाही के दौरान गुमशुदा के साथ अंतिम बार देखे गये रूपधर एवं रेखालाल के द्वारा गुमशुदा के परिजनों, टुरीपार के ग्रामीण एवं पुलिस को लगातार गुमराह किया जा रहा था कि अशोक वर्मा बिना बताये कहीं चला गया है।

जांच के दौरान संदेहियों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संदेही रूपधर गोस्वामी पिता शिशुपाल गोस्वामी (42) निवासी ग्राम बरबसपुर (डोंगरगांव) एवं रेखालाल साहू पिता स्व. साहू (46) निवासी मुड़पार थाना घुमका से लगातार कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अशोक वर्मा की हत्या कर लाश को छिपाना स्वीकार किया गया।

आरोपियों ने कथन में बताया कि गुमशुदा अशोक वर्मा जो कि मिस्त्री का काम करता है करीब एक वर्ष पूर्व से रूपधर गोस्वामी का मकान ग्राम खैरा में बना रहा था। रूपधर गोस्वामी हाल ही में अपने परिवार के साथ ग्राम टुरीपार में अपने साथी पुरूषोत्तम वर्मा के घर रह रहा था। रूपधर ने गुमशुदा अशोक वर्मा के ऊपर आरोप लगाया था कि उसने रूपधर की पत्नी का सोने का झुमका जिसे रूपधर ने उसे दिया था, उसे कहीं गिरवी रख दिया है। अशोक के द्वारा उक्त सोने के झुमके को वापस लेने की बात रूपधर से कही गयी। गुमशुदा अशोक वर्मा अपने साथी रूपधर

गोस्वामी निवासी बरबसपुर थाना डोंगरगांव व रेखालाल साहू निवासी ग्राम मुड़पार थाना घुमका के साथ 19 अगस्त को प्रातः करीब 11 बजे रूपधर की ज्युपीटर स्कूटी क्रमांक सीजी 08 एयू 2047 से राजनांदगांव में संबंधित ज्वेलर्स के पास गये। पैसा नहीं होने के कारण अशोक एवं रूपधर सोने के झुमके को प्राप्त नहीं कर सके।

संदेहियों ने बताया कि अशोक वर्मा बिना बताये रूपधर की पत्नी के सोने के झुमके को गिरवी रखने की बात सामने आने से काफी शर्मिंदगी महसूस कर रहा था और शराब पीने की इच्छा जाहिर की, जिस पर तीनों स्कूटी से ही वहां से निकलकर मोहारा शराब भट्ठी में शराब पीये। उसी दौरान रूपधर अपने मोबाईल से ग्राम दुरीपार के पुरुषोत्तम वर्मा और खैरा निवासी मुन्ना पटेल को भी मोहारा शराब भट्ठी बुलाये।

पांचों मिलकर शराब पीये करीब 5 बजे सभी निकलकर वापस घर की तरफ आ रहे थे। रास्ते में पुरूषोत्तम वर्मा और मुन्ना पटेल अपने मोटर साइकिल से घर चले गये। उसके बाद रूपधर गोस्वामी, अशोक वर्मा व रेखालाल से सोने के झुमके को गिरवी रखने की बात को लेकर बहुत विवाद हुआ।

विवाद बढ़ने पर रूपधर गोस्वामी और रेखालाल साहू दानों ने मिलकर अशोक वर्मा की हत्या करने की योजना बनाई। रूपधर गोस्वामी और रेखालाल योजना के अनुसार अशोक वर्मा को बरगाही कलडबरी के मध्य जंगल की ओर ले जाकर उसे शराब पिलाकर पहले रूपधर गोस्वामी ने अशोक वर्मा के गर्दन को दबाया और रेखालाल ने अशोक वर्मा के सिर पर पत्थर से वारकर हत्या कर लाश को वहीं छोड़कर मुड़पार तालाब जाकर मृतक के मोबाईल को तालाब में फेंक दिये।

रात में ही टुरीपार से रूपधर और रेखालाल स्कूटी में सवार होकर घटना स्थल बरगाही-कलडबरी के मध्य जंगल पहुंचे और मृतक की लाश को छिपाने के उद्देश्य से वहां से स्कूल में रखकर कलंडबरी चौक स्थित बंद पड़े पट्रोल पंप के खाली टंकी में डालकर कर ऊपर से टिन से टक दिया।

आज आरोपी रूपधर गोस्वामी एवं रेखालाल साहू निशानदेही कलडबरी पेट्रोल पंप की टंकी से मृतक अशोक वर्मा का शव बरामद कर, पहचान कर मौके पर मर्ग कायम कर शव पंचनामा कार्यवाही की गई। आरोपी की निशानदेही पर घटना स्थल से घटना में प्रयुक्त पत्थर, स्कूटी, आरोपियों के कपड़े को जप्त किया गया है।