
राजनांदगांव। अपनी ही नाबालिग 15 वर्षीय पुत्री से बलात्कार के मामले में कलयुगी पिता उमेश यादव (40 साल) को दोषी पाकर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट हेकु स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) श्री ओम प्रकाश साहू की अदालत पॉक्सो की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास ( जिसका अभिप्राय शेष प्राकृतिक जीवन के लिए) एवं बीस हज़ार रु. के अर्थदंड, राशि अदा नहीं किए जाने पर 4 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास, भा. दं. सं. की धारा 506 (भाग 2) के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रु. के अर्थदंड, राशि अदा नहीं किए जाने पर 1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।

मामले में शासन की ओर से पैरवी करने वाली विशेष लोक अभियोजक सुश्री प्रिया कांकरिया ने बताया कि अभियुक्त और पीड़िता पिता पुत्री है। घटना मई 2022 की है जब पीड़िता अपने मां-बाप के साथ सोई थी. तब्ब उसके पिता ने अपनी पुत्री को जबरदस्ती खींचकर खाट में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने अपनी माता को यह बात बताई। पीड़िता की माता की रिपोर्ट पर तुमडीबोड पुलिस ने उक्त धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त उमेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। संपूर्ण जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया जहां उसे दोषी पाकर अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई।









































