राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की लोक कलाकारों और लोक संस्कृति को सजोए रखने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली संस्कारधानी की संस्था बैगा ग्रुप द्वारा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादसी के अवसर पर भूर्री जलाकर शीत ऋतु का स्वागत कल रात्रि किया गया।
बैगा ग्रुप से जुड़े गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’ ने बताया कि महुवा झरे, नई माने काली, हर हर भोला के साथ ही 40 से अधिक आडिओ और विडियो कैसेट के माध्यम से लोक संस्कृति व लोक कलाकारों को हमेशा आगे लाने वाली नगर की संस्था बैगा ग्रुप ने अपनी 30 साल से भी अधिक समय से छत्तीसगढ़ की पौराणिक परंपरा देवउठनी एकादसी पर भगवान सालिगराम व तुलसी माता के विवाह पश्चात भूर्री जलाने की प्रथा को इस बार भी आयोजित किया।
गत वर्ष कोरोना काल के चलते यह आयोजन नहीं किया गया था, लेकिन इस बार 15 नवंबर को जेठउनी के अवसर पर मान्यता अनुरुप पुरानी टोकनी, सुपा को एकत्रित कर बैगा ग्रुप ने अपने नियमित बैठक स्थल पर कल रात्रि में भूर्री प्रज्ज्वलित कर शीत ऋतु के आगमन का स्वागत किया। वहीं इस अवसर पर एक दूसरे को तुलसी विवाह की बधाई व शुभकामनाएं दी गई।
इस दौरान लोक कलाकारों व संस्कृति को संजोए रखने वाले बैगा ग्रुप के श्री राजेश मारु, रचनाकार श्री हर्ष कुमार बिंदू, गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’, स्वरधारा के संयोजक श्री विष्णु कश्यप, प्रसिद्ध लोक संगीतकार श्री योगेश ठावरे टुक्का, महेन्द्र शर्मा, राजेश सोनी, विवेक रंजन सोनी, छोटू पंसारी एवं श्री नामदेव के साथ ही अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। अंत में बैगा ग्रुप द्वारा कोरोना काल के दौरान जिन कलाकारों व लोक कला के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों के अलावा संस्था के सदस्य श्री शरद श्रीवास्तव की माताजी व बैगा ग्रुप के हास्य कलाकार श्री सुदेश यादव के पिता स्व. छोटे लाल यादव व पूर्व पार्षद भानू सिन्हा के विगत दिनों आकस्मिक निधन होने पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।











































