back to top

राजनांदगांव : भूईयां अंतर्गत राजस्व अभिलेखों के त्रुटि सुधार के संबंध में प्रशिक्षण आयोजित…

राजनांदगांव 08 अगस्त 2024। भूईयां अंतर्गत राजस्व अभिलेखों के त्रुटि के संबंध में ऑनलाईन सुधार हेतु आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। राजस्व अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के भू-राजस्व अभिलेखों में मौजूद त्रुटियों को दूर करने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। 

ये त्रुटियां बिना किसी कठिनाई के सुधार कर ली जाएं, इसके लिए जिले के राजस्व अधिकारियों को सजगता के साथ इस प्रशिक्षण के सभी बिंदुओं को अच्छी तरह से जानने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में अत्यंत सामान्य त्रुटियां होती हंै, जिसके लिए किसानों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो और आसानी से इन त्रुटियों को दूर कर लिया जाए, इसके लिए प्रदेश स्तर से साफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो ग्रामवार प्रदर्शित है, 

उसमें सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पटवारी साफ्टवेयर के माध्यम से अभिलेखों में सामान्य त्रुटियों को सुधार कर तहसीलदार को प्रेषित करेंगे। त्रुटि सुधार से संतुष्ट होने पर तहसीलदार अपने स्तर पर अभिलेख सुधार को मान्य करेंगे। यदि तहसीलदार अभिलेख सुधार पर संतुष्ट नहीं है, तो वे आवश्यकता अनुरूप अन्य आवश्यक दस्तावेज पटवारी से मंगा सकते हैं या अनुविभागीय अधिकारी को प्रेषित कर सकते हंै। 

आयोजित प्रशिक्षण में भू-राजस्व अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए प्रदेश स्तर से तैयार साफ्टवेयर के माध्यम से राज्य स्तर से उपस्थित प्रोग्रामर सुश्री मीनाक्षी ने विस्तार से प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पटवारी स्तर, तहसीलदार स्तर एवं एसडीएम स्तर से किए जाने वाले भू-राजस्व के अभिलेखों के सुधार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पटवारी स्तर से किए जाने वाले अभिलेख सुधारों के संबंध में उन्होंने बताया कि इसके लिए भू-अभिलेख की धारा 115 में पावर डेलीगेट किया गया है। 

इसके तहत पटवारी प्राप्त आवेदनों के तहत आवेदक के पिता, पति के नाम फसल, सिंचित-असिंचित भूमि, खसरा सुधार, आवेदन की प्रक्रिया और स्वीकृति, सुधार की प्रक्रिया, उसे अपलोड करने की प्रक्रिया, रकबा संशोधन, फसल परिवर्तन सहित पटवारी द्वारा दर्ज आवेदनों में अद्यतन की स्थिति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एसडीएम एवं तहसीलदार स्तर से होने वाले सुधारों के संबंध में विस्तार से बताया। 

बताते चलें कि इस प्रशिक्षण के पूर्व राज्य स्तर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी राजस्व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया था। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता, एसडीएम श्री अतुल विश्वकर्मा सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। 
Advertisements

You cannot copy content of this page