राजनांदगांव : भूपेश बघेल के तीन योजनाओं पर लॉक , बाकी योजनाओं पर टिकी निगाहें…

राजनांदगांव। प्रदेश में ‘सत्ता’ परिवर्तन होते ही पूर्ववर्ती भूपेश सरकार की योजनाओं को लेकर खूब चर्चा हो रही है। शपथ के पखवाड़े भर बाद कांग्रेस की तीन योजनाओं पर लॉक हो गया। अब बाकी योजनाओं पर निगाहें जमी है। इनमें आत्मानंद स्कूल-बेकारी भत्ता एवं हॉफ बिजली बिल आदि प्रमुख हैं। उक्त स्कीम से गरीब बच्चों के साथ ही आम जनता को सीध लाभ मिल रहा है और यदि स्कीम को बंद किया जाता है तो भाजपा को जनता की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं की समीक्षा के साथ चर्चा हो रही है। कांग्रेस ने 36 चुनावी वायदों के साथ सन् 2018 के चुनाव में जीत हासिल की थी। इनमें से अधिकांश वायदे पूरे हुए और अपने कार्यकाल में कांग्रेस ने कई योजनाएं बनाई। चूंकि अब प्रदेश में भाजपा की सरकार आ चुकी हैं। जब भाजपा विपक्ष में रही तब उन्होंने कांग्रेस की योजनाओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कई प्रदर्शन भी किए। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सरकार ने भूपेश बघेल के गौठान योजना व राजीव गांधी न्याय योजना को बंद कर दिया ।

अभी 3 दिन पहले ही राजीव मितान युवा क्लब को बंद कर दिया गया पूरे प्रदेश में इन क्लबों के माध्यम से हजारों युवा जुड़े रहे सरकारी अनुदान से क्लबों ने कई कार्यक्रम करवाए इनमें खेलकूद प्रमुख था। लेकिन अब इन क्लबों को लॉक कर दिया गया है तीन योजनाओं पर लॉक होते ही बाकी योजनाओं पर निगाहें टिकी हुई हैं। इनमें हाफ बिजली बिल प्रमुख है। इस स्कीम के तहत 400 यूनिट की खपत तक छूट का प्रावधान है। इस स्कीम से जिले में ही दो लाख उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।

बढ़ती महंगाई के बीच आम उपभोक्ताओं को बिजली में बड़ी राहत मिली है। सालभर से प्रदेश के युवाओं – को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। पात्र युवाओं के खाते में ■ प्रतिमाह 2500 पहुंच रहे हैं। बेकारी भत्ता से बेरोजगारों को राहत मिली है लेकिन अब सत्ता परिवर्तन होते ही बेकारी भत्ते पर भी सस्पेंस बनता जा रहा है। भाजपा-भाजयुमो ने बेकारी भत्ता देने के नाम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर कांग्रेस की घेराबंदी की थी।

भूपेश सकार की शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी स्कीम है वह आत्मानंद स्कूल । पूरे प्रदेश के साथ शहर एवं अंचल में भी आत्मानंद स्कूलों का संचालन हो रहा है। इंग्लिश व हिन्दी दोनों मीडियम से हजारों गरीब बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले गरीब बच्चों के लिए इंग्लिश मीडियम में पढ़ना एक सपना था लेकिन जब से आत्मानंद स्कूल खुले हैं तब से गरीब बच्चों को बड़ी राहत मिली है।

*योजनाएं बंद होने से भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी सामने आई* प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही पूर्ववर्ती सरकार की योजना एक के बाद एक बंद हो रही है। इन योजनाओं से अलग-अलग वर्ग को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा था। कुछ तो ऐसी योजना भी – संचालित है जिसमें 90 फीसदी लोग सीधा लाभ ले रहे हैं। योजनाओं के बंद करने से प्रमुख विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शाहिद भाई ने कहा कि भाजपा सरकार दुर्भावना से योजनाओं को बंद कर रही है। उधर आम लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही है।

इन्होंने कहा कि जिन योजना से आम लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है उन्हें बंद करना उचित नहीं है। तीन योजनाएं बंद होने से भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी सामने आई है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।