राजनांदगांव : मवेशियों की धर-पकड अभियान के तहत पकड़े गये 12 मवेशी…

मवेशियों की धर-पकड अभियान के तहत जय स्तम्भ चौक, गुरूद्वारा चौक, ठा. प्योरलाल स्कूल चौक, पाताल भैरवी मंदिर के सामने,

खैरागढ रोड, महावीर चौक, रेल्वे स्टेशन रोड, पुराना बस स्टैण्ड चौक, रामाधीन मार्ग क्षेत्रों से पकड़े 12 मवेशी

राजनांदगांव 1 अगस्त। घुमंतु मवेशियों की धर पकड के तहत नगर निगम का मवेशी धर-पकड़ अभियान में नगर निगम की टीम शहर के प्रमुख चौक चौराहो में घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है।

इसी कडी में आज शहर के बाह्य प्रमुख मार्गो व चौक चौराहो से 12 घुमन्तु मवेशियों की धर-पकड की गयी। उल्लेखनीय है कि कई पशु मालिकों द्वारा अपने मवेशियों को खुला छोड देते है, जिससे मवेशी चौक चौराहों में घुमते एवं बैठे रहते है, जिससे यातायात बाधित होती है एवं दुर्घटना की संभावना बनी रहती है,

जो आमजनों के साथ ही पशुओ के लिये भी खतरनाक है। निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्र्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी। शासन द्वारा भी रोका छेका अभियान के तहत घुमन्तु पशुओं को पकड़ने एवं पशु मालिकों को अपना मवेशी घर मंे बांध कर रखने समझाईस देने के निर्देश दिये गये है। निर्देश के अनुक्रम में निगम द्वारा धर-पकड़ अभियान चलाया जा रहा है।


नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता ने घुमन्तु मवेशियांे को पकड़ने टीम गठित किये है, गठित टीम चौक चौराहो से घुमन्तु मवेशियों को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। इसी कडी में आज बाह्य प्रमुख मार्गो व चौक चौराहो जय स्तम्भ चौक, गुरूद्वारा चौक, ठा. प्योरलाल स्कूल चौक, पाताल भैरवी मंदिर के सामने,

खैरागढ रोड, महावीर चौक, रेल्वे स्टेशन रोड, पुराना बस स्टैण्ड चौक, रामाधीन मार्ग से घुमन्तु मवेशियों की धर-पकड के तहत 12 घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को पकड़ा गया। मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखा जाता है एवं उन्हंे छोडने पर 570-570 रूपये संबंधित से अर्थदण्ड लेकर मवेशी छोडा जाता है।


आयुक्त श्री गुप्ता ने दुर्घटना से बचने मवेशी मालिक अपने जानवर को निर्धारित स्थल में बांध कर रखने तथा चौक-चौराहों व सड़कों पर घुमने पशुओं को खुला न छो़डने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चौक-चौराहों व सड़कों पर खुला घुमते पाये जाने पर पशुओं को नगर निगम के अमला द्वारा पकड़कर कांजी हाऊस में बंद कर नियमानुसार शुल्क व जुर्माना भुगतान करने के उपरांत ही मुक्त कर संबंधित पशु पालकों को सौपा जायेगा।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्र्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी, जिसके तहत वह प्रथम अपराध की दशा में जुर्माने से 10 रूपये से कम नहीं होगा किन्तु जो 50 रूपये तक का हो सकेगा और द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध की दशा में जो पिछले अपराध किये जाने के 3 वर्ष की अवधि के भीतर किया जाता है,

जुर्माने से जो 25 रूपये कम नहीं होगा जो 1 सौ रूपये तक का दण्ड या कारावास जिसकी अवधि 3 माह तक की हो सकेगी अथवा दोनों दण्डों से दण्डित किया जायेगा।