राजनांदगांव: महतारी वंदन योजना में प्रदेशभर में अव्यवस्था, महिलाओं को पूरा लाभ नहीं ,सरकार के दावों की खुली पोल…

बसंतपुर की महिलाओं संग पूर्व पार्षद ने सौंपा ज्ञापन 7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

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राजनांदगांव:-    छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना, जिसके तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने का वादा किया गया था, प्रदेशभर में बदहाली का शिकार है। कई जिलों में विधवा और वृद्ध महिलाओं को नवंबर माह से योजना की अंतर राशि नहीं मिली है। हालात यह हैं कि महिलाओं के खातों में लगातार केवल 500 रुपये प्रतिमाह ही जमा किए जा रहे हैं, जिससे सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

  जिले सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों से पीड़ित महिलाएँ अपनी समस्या लेकर नगर निगम और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। इसी क्रम में बसंतपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएँ युवा नेता पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में निगम पहुँचीं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लंबित अंतर राशि के तत्काल भुगतान और नवविवाहित महिलाओं के लिए बंद पड़े पोर्टल को तुरंत खोलने की मांग की गई।

युवा नेता जय जायसवाल ने बताया कि क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार कर रखे हैं, इसके बावजूद उन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। कहीं पोर्टल बंद होने का बहाना बनाया जा रहा है तो कहीं केंद्र से राशि न आने की बात कही जा रही है। इससे साफ है कि शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा सीधे गरीब, विधवा और वृद्ध महिलाएँ भुगत रही हैं।

 इस दौरान अधिकारियों के जवाब पर पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जब महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की है, तो केंद्र पर जिम्मेदारी डालना जनता को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है और सरकार जानबूझकर अपनी नाकामी छिपा रही है।

  युवा नेता पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिवस के भीतर प्रदेशभर में महतारी वंदन योजना की लंबित अंतर राशि जारी नहीं की गई और पोर्टल नहीं खोला गया, तो महिलाएँ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगी। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।