
नये पार्षदों ने जल शोधन प्रक्रिया देखी
राजनांदगांव 21 जून। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह का पार्षदो के साथ निरीक्षण कर बारिश के पूर्व सभी पंप दुरूस्त कर आवश्यक समाग्री का पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिए। मोहारा के 10, 17 एवं 27 एमएलडी प्लांट का नये पार्षदो ने निरीक्षण कर जल शोधन प्रक्रिया देखी।
महापौर श्री यादव मोहारा जल संयंत्रगृह के तीनो प्लांटो का क्रमशः निरीक्षण कर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी लिये, उन्होने कहा कि वर्षाऋतु को ध्यान में रखते हुये एलम, ब्लीचिंग तथा क्लोरिन गैस व अन्य आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भंडारण रखे, मशीन आदि को दुरूस्त रखे,
अतिरिक्त मोटर भी रखे ताकि खराब होने की स्थिति में बदला जा सकें। उन्होंने 27 एमएलडी प्लांट में लगे नये मोटर को जल्द चालू करने कहा जिससे पानी सप्लाई बढेगी, जिससे आम जनता को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होनंे कहा कि अत्याधिक बारिश से बाढ की स्थिति निर्मित होती है, जिसे ध्यान में रखकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि पेयजल सप्लाई प्रभावित न हो, उन्होेंने बारिश के पूर्व सभी पानी टंकीयो की सफाई करने के भी निर्देश दिए।
महापौर श्री यादव के साथ कृषि उपज मण्डी के पूर्व उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत, निगम अध्यक्ष श्री पारस वर्मा एवं पार्षदों ने जल शोधन की प्रक्रिया देखी। जलशोधन प्रक्रिया के संबंध में जल प्रभारी अधिकारी व कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. रामटेके ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते हुये बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु रॉ वाटर लेकर प्रतिदिन 54 मीलियन लीटर पानी क्रमशः 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।

प्रभारी अधिकारी ने बताया कि पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने के लिये किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 14 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाईन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।
पर्षादो ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जॉच कर जानकारी लिये। नये पार्षदो ने प्रक्रिया देखने के पश्चात प्रसन्नता व्यक्त कर कहा कि बहुत कठिन प्रक्रिया से गुजरकर लोगोें को शुद्ध पानी पिलाया जाता है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार पानी का उपयोग करने, पानी का अपव्यय रोकने वार्डवासियो को समझाईस दी जायेगी।









































