
*सावन शिवरात्रि पर घर-घर हुई पार्थिव शिवलिंग की पूजा**

राजनांदगांव।सावन शिवरात्रि पर अंचल में घर-घर पार्थिव शिवलिंग की पूजा हुई। भक्तों ने मिट्टी का शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा की। मान्यता है कि इस दिन पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है। सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।
शिवभक्त व पूर्व सैनिक अंगेश्वर प्रसाद सिन्हा उनकी धर्मपत्नि श्रीमती खुमेशवरी सिन्हा, विवेक सिन्हा, सृष्टि सिन्हा आदि ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग की पूजा वे हर साल सावन शिवरात्रि पर करते हैं। सुबह से व्रत का संकल्प लेकर मंदिर में शिवलिंग व भगवान शिव की आराधना की। इसके बाद निर्जला व्रत रखकर शिव महिमा, शिवकथा, शिव चालीसा का पाठ किया। शाम को मिट्टी से शिवलिंग बनाकर एक घंटे तक दूध, जल, दही, शहद, छांछ आदि से अभिषेक किया। बेलपत्र, फूल, दूध, मिठाई, मौसमी फल अर्पित कर आरती की। शिवलिंग पूजा से पहले सभी देवी देवताओं का आव्हान हुआ। पूजा के बाद विसर्जन हुआ। तत्पश्चात सपरिवार ने आहार ग्रहण किया।
सावन माह की शिवरात्रि में पार्थिव शिवलिंग के अभिषेक व पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन मिट्टी के शिवलिंग की पूजा होती है। पूजा के बाद विसर्जन आवश्यक है। पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से धनधान्य, आरोग्य,संतान की प्राप्ति होती है. शरीरिक, मानसिक क्लेश से मुक्ति मिलती है।
*पं. प्रदीप मिश्रा ने कराई ऑनलाइन पूजा**
बुधवार को शाम 7 बजे से 8 बजे तक प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने टीवी, मोबाइल के माध्यम से भक्तों को पार्थिव शिवलिंग की पूजा करवाई, जिसमें भक्तों ने हिस्सा लिया। भक्तों के अनुसार श्री मिश्रा ने 1 लोटा जल, गेंहू 21 दाने, 5 कमल गट्टे, चावल के 108 दाने, काली मिर्च के 21 दाने, काला तिल, धतूरा 1 नग, बेलपत्र 7 नग, शमी पत्र 7 नग, फूल एवं 7 गुलाब के पुष्प, दूध, दही. शहद, घी, शक्कर, इत्र, गंगाजल, चंदन, 3 गोल सुपारी, रोली, पीला चंदन, चावल, मौली, कपूर, देशी घी के दो दीपक, 2 जनेउ, लौंग इलायची, पान का पत्ता, हल्दी, अबीर, गुलाल, मेहंदी, फल 5 नग, मिठाई, धूपबत्ती आदि से ऑनलाइन पूजा करवाई। इसके लिए उन्होंने एक दिन पूर्व तैयारी करने कहा था। बुधवार को 7 बजे से पूजा करवाई जो एक घंटे तक चली।









































