राजनांदगांव में विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस मनाया गया, विविध गतिविधियों से दिया समावेशन का संदेश…

राजनांदगांव। संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र (CRC) में 2 अप्रैल 2026 को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। यह आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के वार्षिक कार्यक्रम कैलेंडर के तहत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समावेशन को प्रोत्साहित करना तथा प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित करना रहा।
इस वर्ष की थीम “ऑटिज़्म और मानवता – हर जीवन मूल्यवान है” रखी गई। कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें लाभार्थी, अभिभावक, देखभालकर्ता, छात्र एवं CRC स्टाफ शामिल रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद CRC निदेशक ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। मुख्य अतिथियों में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की कुलपति डॉ. लॉवली शर्मा, लावण्य फाउंडेशन रायपुर के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा तथा CIIMHANS देवाद के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित कुमार शामिल रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार साझा करते हुए कार्यक्रम की सराहना की।


दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में कई जानकारीपूर्ण एवं सांस्कृतिक गतिविधियां संपन्न हुईं। जागरूकता सत्र में डॉ. रोहित कुमार ने ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के वर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डाला। एक 25 वर्षीय ASD से ग्रसित युवक की माता ने अपनी सफलता की कहानी साझा कर उपस्थित जनों को प्रेरित किया।


इस दौरान 13 लाभार्थियों को ADIP एवं RVY योजनाओं के अंतर्गत TLM किट, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों एवं लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभिभावकों एवं देखभालकर्ताओं के लिए संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत डी.एड. विशेष शिक्षा (IDD) के छात्रों द्वारा नाटक, DISLI छात्रों द्वारा कथक एवं समूह नृत्य तथा श्री संदीप शर्मा द्वारा संगीत प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ी, अभिभावकों की सहभागिता में वृद्धि हुई तथा समाज में समावेशन का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचा।


कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रशांत मेश्राम के नेतृत्व में टीम द्वारा किया गया। एंकरिंग सुश्री पतनाना चांदिनी ने की, जिसमें तरुण कुमार ने सहयोग किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।