राजनांदगांव रेंज को मिले नए आईजी, अजय कुमार यादव ने पदभार किया ग्रहण, बेहतर पुलिसिंग और जनसुनवाई होगी प्राथमिकता…

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हुए तबादलों के बाद राजनांदगांव रेंज को नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मिल गया है। वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार यादव ने सोमवार को राजनांदगांव रेंज के आईजी के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता बेहतर पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा आम नागरिकों को थानों में त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराना होगी।

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए आईजी अजय यादव ने बताया कि राजनांदगांव रेंज के अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और कबीरधाम (कवर्धा) जिलों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ प्रभावी एवं जवाबदेह पुलिस व्यवस्था विकसित करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि पदभार संभालते ही रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। थानों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि फरियाद लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समय पर सुनवाई हो और उसे न्याय मिल सके। पुलिस व्यवस्था को अधिक जनहितैषी और जवाबदेह बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाएंगे।

आईजी अजय यादव ने रेंज के सभी जिलों में यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उनके अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि नक्सली पुनर्वास योजना को राजनांदगांव रेंज में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। बस्तर में संचालित मॉडल का अध्ययन कर राजनांदगांव क्षेत्र में भी पुनर्वास योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक लोगों को बेहतर अवसर और सहयोग मिल सके।

नए आईजी के पदभार ग्रहण करने के बाद राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों में पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा जनसुनवाई व्यवस्था में सकारात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।