राजनांदगांव: विकसित भारत जी राम जी योजना एक सुदृढ़, समृद्ध एवं उन्नत ग्रामीण भारत के निर्माण का रोडमैप है: मधुसूदन यादव…

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण क्षेत्र में मिलेगी मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी: मधुसूदन यादव

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महापौर मधु ने विकसित भारत जी राम जी पर कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से मनघड़ंत, भ्रामक एवम आधारहीन बताया

राजनांदगॉव महापौर एवं पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने दावा किया है कि विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण रोजगार को सशक्त करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक महत्वाकांक्षी कदम हैं। केन्द्र शासन द्वारा सन् 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के सदाशय से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 लागू किया गया है, जिसमें एक सुदृढ़, समृद्ध एवं उन्नत ग्रामीण भारत के निर्माण का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके चार मुख्य आधारस्तम्भ हैं जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से संबंधित अधोसंरचना और प्राकृतिक घटनाओं से निपटने हेतु कार्य प्रणाली का विकास।

इस योजनान्तर्गत कई सकारात्मक एवं जनकल्याणकारी प्रावधान किये गये हैं, जिनमें मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिनों में वृद्धि की गई है। अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के बजाए अब 125 दिन की मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। रोजगार दिवस में वृद्धि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है जिससे गरीब एवं श्रमिक परिवारों को स्थायी आजीविका की गारंटी मिलने का नवीन माध्यम बनेगा । ग्रामीण भारत के जल सुरक्षा सु़दृढ़ीकरण की दिशा में कार्य हेतु जल संरक्षण, सिंचाई, भू-जल पुनर्भरण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वनीकरण एवं वाटरशेड विकास के कार्यो को प्राथमिकता दी जायेगी।

मजदूरों को 7 दिवस में मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है एवं देरी होने पर मुआवजा का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा की गारंटी प्राप्त होगी। अगर तय समय में काम नहीं दिया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। श्री यादव ने दावा किया है कि विकसित भारत जी राम जी योजना में जिस तरह से नवीन विकासोन्मुखी प्रावधान जोड़े गए हैं, उनसे गांवों में अधोसंरचना, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में इस योजना के दूरगामी सुखद परिणाम दृष्टिगोचर होंगे।

पूर्व सांसद मधु ने कांग्रेस पार्टी द्वारा विकसित भारत जी राम जी योजना पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से मनघड़ंत, भ्रामक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया। उन्होंने कांग्रेस का दुष्प्रचार, कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है, को पूरी तरह से गलत एवम् निराधार करार देते हुए कहा है कि सच्चाई यह है कि वर्ष 2005 में जब मूल मनरेगा कानून लाया गया था, तब उसमें महात्मा गांधी का नाम शामिल नहीं था,

2009 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले त्वरित राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया था, यह ऐतिहासिक तथ्य है, जिसे कांग्रेस आज छिपाने का दुष्प्रयास कर रही है। हकीकत तो यह है कि महात्मा गांधी के नाम का दुरूपयोग कांग्रेस ने ही किया है। महापौर मधु ने छत्तीसगढ़ के पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन पर भी आरोप लगाया कि तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मनरेगा के फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।

मनरेगा की राशि से बनाए गए तथाकथित गौठान भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बने थे, जिनका न तो समुचित उपयोग हुआ और न ही उनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचा। भाजपा नेता मधु ने कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि भाजपा की सरकार नेक काम, पारदर्शिता और परिणामों की राजनीति में विश्वास करती है, जबकि कांग्रेस केवल नामकरण, भ्रम और भ्रष्टाचार की ओछी राजनीति करती रही है।

महापौर ने दावा किया है कि विकसित भारत जी राम जी योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है “हर हाथ को काम, हर मजदूर को पूरा भुगतान और हर गांव को आत्मनिर्भर बनाना।”