
फार्मर लैंड आईडी में छूटे खसरे एवं रकबे जोडऩे के लिए जिला प्रशासन की विशेष पहल
राजनांदगांव 16 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत जिले में आज विशेष अभियान चलाकर 5 हजार से अधिक किसानों को फार्मर लैंड आईडी (एग्रीस्टेक) पंजीयन एवं सत्यापन के लिए सेवा सहकारी समितियों, लोक सेवा केन्द्रों तथा चॉइस सेंटरों द्वारा किया गया। कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयास से किसानों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उनकी भूमि संबंधी जानकारी का सत्यापन एवं सुधार कराया गया। यह अभियान आगामी धान खरीदी, डिजिटल गिरदावरी तथा कृषि योजनाओं में पारदर्शिता एवं किसानों को सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विशेष अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग के पटवारी, पंचायत विभाग के ग्राम सचिव तथा अन्य मैदानी अधिकारियों ने किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें निकटतम सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केन्द्र तक पहुंचाया। यहां किसानों की फार्मर लैंड आईडी में छूटे हुए खसरों एवं भूमि के रकबे को जोडऩे तथा आवश्यक सुधार की कार्रवाई की गई। इसके लिए सभी सेवा सहकारी समितियों में ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय की गई थी, वहीं लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से भी किसानों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।
कृषि विभाग ने बताया कि किसानों की फार्मर लैंड आईडी में सभी खसरे अथवा भूमि का पूरा रकबा दर्ज नहीं है, उनके भूमि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड अपूर्ण माने जाएंगे। ऐसी स्थिति में आगामी डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) के दौरान फसल का सही रिकॉर्ड दर्ज कराने में तकनीकी कठिनाइयां आ सकती हैं। साथ ही भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं, डिजिटल भूमि अभिलेखों एवं अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भी परेशानी हो सकती है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि यदि उनकी फार्मर लैंड आईडी में किसी भी प्रकार का खसरा अथवा भूमि का रकबा दर्ज होने से छूट गया है, तो वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केन्द्र अथवा चॉइस सेंटर पहुंचकर अपनी भूमि आईडी का सत्यापन एवं आवश्यक सुधार कराने की अपील की गई है।










































