राजनांदगांव : व्यापारियों ने ट्रेड लाइसेंस अनिवार्यता और बढ़े शुल्क के विरोध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…

राजनांदगांव। नगर निगम क्षेत्र में प्रस्तावित नए ट्रेड लाइसेंस नियमों और बढ़े हुए शुल्कों के विरोध में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, जिला इकाई राजनांदगांव ने गुरुवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। व्यापारिक संगठनों ने इसे छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए तत्काल प्रभाव से नियमों पर पुनर्विचार की मांग की है।

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चैंबर के अध्यक्ष कमलेश वैद, महामंत्री अरुण डुलानी और कोषाध्यक्ष शिव अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने कहा कि निगम द्वारा अचानक ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य करने और नए शुल्क तय करने से व्यापार जगत में गहरी चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही GST, आयकर, व्यवसाय पंजीयन, श्रम विभाग, नगर निगम टैक्स, स्वच्छता शुल्क, बीमा शुल्क समेत कई तरह के भुगतान किए जाते हैं। ऐसे में एक और लाइसेंस शुल्क थोपना अनुचित है।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नए नियम उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करेंगे और शहर के छोटे व्यापारियों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। उनका कहना है कि किसी भी नए शुल्क, लाइसेंस या कानून को लागू करने से पहले व्यापार समुदाय से चर्चा आवश्यक है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।

चैंबर ने ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी—

  1. निगम क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से संबंधित प्रस्तावित नियमों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।
  2. किसी भी नए शुल्क या लाइसेंस को लागू करने से पहले व्यापारिक समुदाय से विस्तृत चर्चा की जाए।
  3. व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु व्यापारी हितैषी नीतियां बनाई जाएं, न कि व्यापार पर अतिरिक्त बोझ डाला जाए।
    व्यापारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि शहर की आर्थिक व्यवस्था और छोटे व्यापारियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित नियमों पर निर्णय लिया जाए।