
राजनांदगांव – मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के अंतर्गत विकासखंड मानपुर का 3 दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 7 जून से 9 जून तक आयोजित किया गया जिसमें मानपुर विकासखंड के 35 संकुलों से संकुल समन्वयक एवं एक – एक मास्टर ट्रेनर शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी डी मंडले ने माँ सरस्वती के पूजा अर्चना के सांथ किया और शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए वनांचल क्षेत्र में होने वाली प्राकृतिक आपदा,दुर्घटनाओं के बारे में विस्तार से समझाते हुए उनसे बचने का भी उपाय बताया।
सांथ ही राज्य स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर के रुप में मानपुर एबीओ अरूण मारकाम व व्याख्याता एच आर कुंभकार ने बताया की शालाओं में शाला सुरक्षा समिति बनाकर उसके माध्यम से शाला भवन में संरचनात्मक व गैर संरचनात्मक जोखिमों की पहचान व निदान कैसे किया जाना चाहिए । शाला में भूकंप, बाड़, तूफान, अति वर्षा, बिजली गिरने जैसे प्राकृतिक आपदाओं से पहले क्या क्या तैयारी रखी जानी चाहिए साथ ही आपदा के समय किस प्रकार से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए बच्चों और समुदाय की सुरक्षा की जानी चाहिए। प्राकृतिक घटनाओं के अतिरिक्त शाला में आग लगने, सांप काटने महामारी फैलने, फूड प्वाइजनिंग के शिकार होने, मधुमक्खी काटने जैसे घटनाओं के समय प्राथमिक उपचार कैसे किया जाए साथ ही इनसे होने वाले जोखिम कैसे कम किया जाए ।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को गैस सिलेंडर में आग लगने पर आग बुझाने, किसी मूर्छित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के डेमो के साथ प्रशिक्षण दिया गया। बाल संरक्षण के विषय में बताते हुए बाल यौन दुर्व्यवहार, मादक द्रव्यों के सेवन साइबर क्राइम जैसे बुराइयो से बच्चों को सुरक्षित रखने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस मानपुर बीईओ नरेंद्र निरापुरे ने प्रशिक्षकों को बताया कि शाला के बच्चों की सुरक्षा, शिक्षक का प्रथम कर्तव्य है। शिक्षक शाला के साथ साथ समुदाय का प्रेरणा बिंदु होता है। शिक्षक के माध्यम से आपदाओं से जोखिम कम करने वाली जीवन शैली देश के नागरिकों में विकसित की जा सकती है इसलिए यह प्रशिक्षण केवल शाला सुरक्षा तक ही नहीं बल्कि देश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।









































