
राजनांदगांव। लगातार रचनात्मक गतिविधियों में अवरोध पैदा करना कांग्रेस की फितरत में है यही कारण है कि गणेष पुरस्कार जैसे विषय को लेकर बयान जारी कर यह बताने की चेष्टा की गई कि मुद्दे की राजनीति और सिद्धांत की राजनीति से कांग्रेस विलग हो चुकी है।कांग्रेस पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के विवादित बयान को लेकर भाजपा नेता एवं निगम चेयरमेन सावन वर्मा ने तीखा पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि निगम की चिंता करने वाले पिल्ले जी यह भूल गए हैं कि यह पुरस्कार उनके कार्यकाल का था, जब वे स्वयं निगम के चेयरमैन थे। गौरतलब है कि गणेश पर्व के तुरंत बाद पुरस्कारों की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी पिल्ले जी के कार्यकाल में उन्हें वितरित नहीं किया गया था।
सावन वर्मा ने स्पष्ट किया कि डॉ. रमन सिह, जो विधानसभा अध्यक्ष हैं और राजनांदगांव के विधायक भी हैं, के माध्यम से यह पुरस्कार वितरण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जब महापौर द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया तो संतोष पिल्ले इस पर बयानबाजी कर रहे हैं। सावन वर्मा ने कहा कि बात हाउस मे कार्यक्रम कराने की है, तो महापौर जी ने डॉ सहाब से निवेदन किया और गणेश पर्व को चलते देख डॉ. सहाब की व्यस्तता के कारण और संस्कारधानी के प्राचीन गणेश पर्व एंव गरिमा को देखते हुए उनसे हाउस मे पुरस्कार दिलाए ।
वर्मा ने संतोष पिल्ले को सलाह दी कि वे बयान देने से पहले अपने पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों की समीक्षा अवश्य कर लें। सावन वर्मा ने कहा, जो व्यक्ति निगम की चिंता करता है, उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि यह पुरस्कार उसी के कार्यकाल के दौरान घोषित हुआ था, लेकिन उन्होंने उसे वितरण नहीं कराया। अब जब वितरण कराया गया है, तो आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है।









































