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राजनांदगांव: साइबर अपराध ‘डिजिटल अरेस्ट’ से ग्राहकों को बचाने हेतु ,राजनांदगांव पुलिस द्वारा बैंकों के लिए Advisory…

राजनांदगांव। तेजी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु निम्न निर्देश सभी बैंक शाखाओं के लिए अनिवार्य रूप से पालनयोग्य हैं:

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1. दबाव/धमकी में किए जा रहे लेनदेन को रोकें
यदि ग्राहक कॉल/वीडियो कॉल पर किसी द्वारा डराया-धमकाया जा रहा हो तथा बड़ी राशि ट्रांसफर करने का प्रयास कर रहा हो, तो लेनदेन तत्काल रोकें और निकटतम पुलिस को सूचित करें।

2. वरिष्ठ नागरिक एवं महिलाओं के मामलों में विशेष सतर्कता
अक्सर परिवार से पृथक सीनियर सिटीजन या महिलाएँ डिजिटल अरेस्ट का शिकार होकर बैंक पहुँचकर अपराधियों के बताए अनुसार किसी अज्ञात खाते में बड़ी रकम जमा/ट्रांसफर करने लगती हैं।
ऐसी स्थिति में—
• असामान्य लेनदेन को रोकें,
• लेनदेन का कारण पूछें,
• ग्राहक को शांतिपूर्वक जागरूक करें,
• आवश्यकता पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

3. ग्राहकों को स्पष्ट जागरूक करें
• कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ या डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
• पुलिस/CBI कभी भी किसी ग्राहक को पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश नहीं देती।
• ऐसी कॉल प्राप्त होने पर 1930 या नजदीकी थाना से संपर्क करने की सलाह दें।

4. जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर की प्रदर्शनी
बैंक परिसर में साइबर फ्रॉड से बचाव के पोस्टर/नोटिस अनिवार्य रूप से लगाएँ, ताकि ग्राहक तुरंत सावधान हो सकें।

5. संदिग्ध धोखाधड़ी पर त्वरित कार्रवाई
• किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका होने पर लेनदेन रोकें।
• ग्राहक को 1930 पर रिपोर्ट करने हेतु कहें।
• तथा शाखा स्तर पर स्वयं पहल करते हुए साइबर सेल / नजदीकी थाना को सूचना दें।

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