राजनांदगांव : सूखे कुएं में गिरे नन्हे बंदर की युवक ने बचाई जान…

राजनांदगांव . डोंगरगांव स्थित रेस्ट हाउस परिसर स्थित एक पुराने सूखे कुएं में गिरे नन्हे बंदर को बाहर निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, आखिरकार करीब 4 घंटे तक तमाम कोशिशों के बीच एक युवक ने हिम्मत दिखाई और कुएं में गिरे बंदर को सकुशल निकाला ।

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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डोंगरगांव स्थित रेस्ट हाउस परिसर स्थित एक पुराने सूखे कुएं के पास आज बंदरों का झुंड पेड़ों की छांव में बैठा हुआ था उसी दौरान दोपहर में करीब 2:30 बजे एक नन्हा बंदर उछल-कूद करते हुए कुएं में गिर गया उसके बाद बंदरों का झुंड कुएं के पास में बैठ कर बार-बार कुएं में गिरे बंदर को बार-बार झांकते रहे।

इस घटना की भनक लगने पर शाम को करीब 5:00 बजे एक पुलिस जवान और 1 वन कर्मी भी मौके पर पहुंचे किंतु बंदरों ने उन्हें भी कुएं के पास जाने से रोक दिया । उसी बीच डोंगरगांव का ही रहने वाला कृषक युवक जितेंद्र वर्मा पिता नीलकंठ वर्मा वहां पहुंचा, उसने भी कुएं में गिरे बंदर के बच्चे को देखने का प्रयास किया किंतु नन्हे बंदर की मां जो कुएं के पार में बैठी थी, उसे भी रोक दिया ।

आखिरकार जितेंद्र ने एक तरकीब सोची और कपड़ों का घेरा बनाकर बंदरों को कुएं के आसपास से भगाया उसके बाद युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और नन्हे बंदर को वहां से सकुशल बाहर निकाला और उसे छोड़ दिया । नन्हे बंदर को वापस छोड़ दिया गया किंतु युवक के पैरों में कांच के टुकड़े चुभ गए जिससे वह जख्मी हो गया । बताया जाता है कि मौके पर कई लोगों ने वन विभाग के अमले से संपर्क किया और उन्हें बंदर के बच्चे को रेस्क्यू कर बाहर निकालने का निवेदन किया लेकिन 3 घंटे तक वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था ।