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राजनांदगॉव: सावन के सप्तम सोमवार को शिवनगर, पुराना ढाबा से निकलेगी श्री महाकाल जी की पालकी…

आज सप्तम सावन सोमवार को बाबा महाकाल करेंगे नगर भम्रण, भक्तों पर करेंगे कृपादृष्टि

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राजनांदगॉव – बाबा श्री महाकाल पालकी यात्रा एवं महाकाल सेना आयोजन समिति के संयोजक पवन डागा एवं संरक्षक नीलू शर्मा ने बताया की महाकाल मंदिर उज्जैन की तर्ज पर सावन मास के प्रत्येक सोमवार को निकलने वाली भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर की सावन पालकी शोभा यात्रा का आज दिनांक 21 अगस्त को सातवॉ पड़ाव संपन्न होगा। बाबा की इस सावन पालकी यात्रा को राजनांदगॉव की धर्मप्रेमी जनता एवं शिवभक्तों का अगाध प्रेम, अटूट आस्था एवं अभूतपूर्व प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। पूर्व की छः सावन पालकी यात्रा की तरह आज भी संस्कारधानी राजनांदगॉव में बाबा श्री महाकाल की पालकी यात्रा का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ भक्तिपूर्ण वातावरण मेें धर्मप्रेमी जनता के सानिध्य में किया जा रहा है।

सप्तम पालकी यात्रा आज 21 अगस्त दोपहर 12 बजे स्थानीय शिव नगर, पुराना ढाबा से प्रारंभ होकर, चिखली क्षेत्र से ओवर ब्रिज के नीचे स्टेशनपारा मुदलियार कॉलोनी मार्ग स्थित मंदिर पहुंचेगी,जहां हरिहर मिलन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। पश्चात्  बाबा की पालकी गौरीनगर शीतला मंदिर के लिए रवाना होगी और वहां मंदिर प्रांगण में यात्रा विश्राम लेगी।

शिवभक्तों द्वारा अपने आराध्य बाबा महाकाल जी की पालकी यात्रा प्रभु श्री चंद्रमौलेश्वर जी के स्वरूप में पूरी गरिमा एवं भव्यता के साथ निकाली जाएगी जिसमें बाबा महाकाल के भक्तगण विभिन्न श्रृंगार एवं वेशभूषाओं में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। शिव भक्तों द्वारा बाबा की पालकी यात्रा का विभिन्न मार्गों पर भव्य स्वागत सत्कार एवं पूजा अर्चना की जायेगी और प्रभू अपनी पालकी शोभा यात्रा में उपस्थित भक्तजनों पर कृपादृष्टि डालकर उनको मनवांछित आशीर्वाद प्रदान करेंगे और उनके कष्ट हरेंगे । आयोजन समिति के विशेष प्रयास से इस बार पालकी यात्रा के समय सुप्रसिद्ध भजन गायक खिलेश यादव एवं ग्रुप अपने सुमधुर आवाज में भजन गीत गाकर भक्तजनों को बाबा महाकाल के प्रेम और भक्ति के रंग में सराबोर करेंगे। आयोजन समिति के पवन डागा एवं नीलू शर्मा ने संस्कारधानी के शिव भक्तों एवं धर्मावलम्बीजनों से बाबा श्री महाकाल जी की सावन पालकी यात्रा में सपरिवार उपस्थित रहकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

बाबा की पालकी यात्रा से जुड़ी प्राचीन धार्मिक मान्यता

आयोजन समिति ने बताया कि ऐसी प्राचीन धार्मिक मान्यता है की उज्जैन नगरी के राजा बाबा महाकाल स्वयं प्रभु श्री चंद्रमौलेश्वर के अपने दिव्य स्वरूप में सावन के पवित्र महीने में प्रत्येक सोमवार को अपने भक्तों एवं प्रजाजनों को दर्शन देकर उनका दुःख हरने एवं उनकी पीड़ा निवारण करके उन्हें मनवांछित आशीर्वाद देने के लिये नगर भ्रमण करते हैं। उस समय जो भी भक्त और प्रजा सच्चे मन से उनकी शोभायात्रा में उपस्थित होकर बाबा के दिव्य स्वरूप का दर्शन करते हैं, प्रभु उन भक्तों पर अपनी विशेष कृपादृष्टि प्रदान कर उन्हें मनोवांछित पुण्यफल प्रदान करते हैं और उनके जीवन के सारे कष्ट हर लेते हैं।  अतः धर्मनगरी उज्जैन के बाबा महाकाल की इस सावन पालकी यात्रा का अति विशेष महत्व है, और पूरें भारत देश में उज्जैन के बाद हमारी संस्कारधानी नगरी में इस तरह की सावन पालकी शोभायात्रा का आयोजन शिवभक्तों द्वारा किया जा रहा है, जो हमारे शहर एवं प्रदेश के साथ साथ सनातनी अनुयायियों के लिये भी अत्यंत हर्ष, गौरव एवं सौभाग्य का विषय है।

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