
रायपुर।

राज्य के शिक्षकों के हित से जुड़ा बहुप्रतीक्षित क्रमोन्नति प्रकरण अब निर्णायक मोड़ पर है। हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और माननीय न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुशील शर्मा ने जानकारी दी कि पूर्व में सोना साहू प्रकरण में हाईकोर्ट ने प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति दिए जाने का आदेश पारित किया था। उस आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, किंतु सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी।
अब उसी आदेश को आधार बनाकर अनेक शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएँ दायर की हैं, जिन पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। संघ को विश्वास है कि शिक्षकों को न्याय अवश्य मिलेगा।
सुशील शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा 06 नवंबर 2025 को पुनः नया आदेश जारी करना यह दर्शाता है कि सरकार किसी भी तरह शिक्षकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित करना चाहती है।
उन्होंने स्पष्ट कहा —
“क्रमोन्नति कोई भीख नहीं, हमारा अधिकार है, और इसे हम लेकर रहेंगे।”
साथ ही बताया कि 12 नवंबर 2025 तक अंतिम चरण के प्रकरणों की याचिका दायर की जा रही है।
जिन शिक्षकों का अभ्यावेदन नियोक्ता द्वारा अस्वीकृत किया गया है, वे रिट याचिका दायर कर सकते हैं।
और जिनके प्रकरणों पर अभी तक कोई उत्तर नहीं दिया गया है, वे कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अवमानना याचिका) प्रस्तुत कर सकते हैं।













































