
राष्ट्रीय रजक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात, समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग

रायपुर। राष्ट्रीय रजक महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर के नेतृत्व में 16 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को कृष्ण जन्माष्टमी एवं स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और समाज की विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।
मुख्य मांगों में संत गाडगे बाबा की जयंती 23 फरवरी को शासकीय अवकाश घोषित करना, राज्य में चल रहे स्वच्छता अभियान का नामकरण “संत गाडगे स्वच्छता अभियान” करना, तथा देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी रजक (धोबी) समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में सम्मिलित कर आरक्षण का लाभ प्रदान करना शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से समाज के कार्यकर्ताओं को राज्यसभा, निगम मंडल, आयोग व पार्टी संगठन में प्रतिनिधित्व देने की मांग भी की। इसके अलावा, धोबी व्यवसाय करने वालों की सुविधा के लिए सभी जिला मुख्यालयों में “रजक गुड्डी” निर्माण करने तथा शासकीय अस्पताल, रेस्ट हाउस, रेलवे सहित अन्य स्थानों पर धोबी कार्य हेतु होने वाले टेंडर नियमों को सरल बनाकर केवल धोबी समाज को ठेका दिए जाने की मांग रखी गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रजक महासंघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव सुरेश निर्मलकर ने किया और आभार प्रदर्शन महासचिव (कार्यालय) चूड़ामणि निर्मलकर ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा, प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर, संरक्षक ज्ञान सिंह निर्मलकर, उपाध्यक्ष डॉ. लेख राम निर्मलकर, प्रदेश महासचिव निलेश रजक, कोषाध्यक्ष महेश कर्ष, सलाहकार पवन गंगबेर, डॉ. हेम सिंह निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से महासंघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उक्त जानकारी राष्ट्रीय रजक महासंघ के संभागीय मीडिया प्रभारी लव निर्णेजक ने दी।









































