
“ये सुशासन की सरकार है साहेब! करना पड़ा न टेंडर निरस्त
आखिर बैकफुट पर आना पड़ा बालोद डीईओ को
बालोद। विवादित टेंडर को लेकर बालोद के जिला शिक्षा अधिकारी आखिर बैकफुट पर आ गए हैं। डीएमएफ फंड से पॉलीकार्बोनेट डोम शेड निर्माण सहित अन्य कार्यो के नियम विरुद्ध टेंडर को आखिरकार, निरस्त करना पड़ा।
इसके बाद पूर्व में डीएमएफ फंड से कराए कार्य की जांच भी कराने की सुगबुगाहट होने लगी है। इसमें बड़े ठेकेदार, कई विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

गौरतलब हो कि जिले के कुछ अफसर अपनी ऊंची पकड़ को लेकर खुलकर भर्राशाही कर रहे हैं। एक ओर ऊंची कुर्सी पर बैठे अफसर अपनी पकड़ मंत्री तक बता रहे हैं वहीं निचले तबके के अफसर अपनी पकड़ बताकर खुलकर उगाही कर रहे हैं। ये सुशासन की सरकार है साहेब यहां भ्रष्टाचार नही चलेगा, यह वाक्य भ्रष्टाचार के खिलाफ विश्वास व्यक्त करता है और यह दर्शाता है कि यह विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन के सिद्धांतों का पालन करेगी।

प्रदेश में भाजपा की पारदर्शी सरकार है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी हर सरकारी काम जीरो टॉलरेंस के साथ कर रही है, साय के सुशासन का यह मूलमंत्र है- भ्रष्टाचार रहित साफ स्वच्छ शासन और प्रशासन सुशासन तिहार इसलिए मनाया जा रहा है। अगर कोई अधिकारी भ्रष्टाचार करता है तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह भी बता दें कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मिडिया प्रभारी स्वाधीन जैन ने भी इस मसले को लेकर कड़े एक्शन की चेतावनी दे दी थी।









































