
0 मोहड़ में हुए घटना की जांच करने पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर दागे कई सवाल
0 रेत तस्करों पर आठ दिन में कार्यवाही पूरी नहीं हुई तो कांग्रेस करेंगी उग्र प्रदर्शन
राजनांदगांव। जिले में खनिज विभाग व सरकार के निकम्मेपन के चलते अब रेत चोर माफियाओं के हौसले कितने बुलंद है रोजाना प्रदेश में अपराधिक घटनाएं बढ़ रही है। राजनांदगांव शहर के मोहड़ वार्ड 49 है जहां रेत माफियाओं द्वारा निर्दोष ग्रामीणों पर बंदूक तान दी। रेत उत्खन्न और हुई गोलीकांड मामले का अवलोकन करने मंगलवार 17 जून को पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज शिवनाथ नदी पहुंचकर रेत तस्करों द्वारा बनाए गए रैम्प का अवलोकन किया वहीं मोहड़ वार्ड के जिस खेल मैदान में गोलीकांड की घटना हुई वहां का मौका मुआयना कर वहां के ग्रामीणों से रूबरू चर्चा कर वस्तुस्थिति से वाकिफ होते हुए श्री बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार को जमकर कोसा और कहा कि छग विधानसभा अध्यक्ष डा.रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र व प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रभार जिले में अपराध की खुली छूट मची हुई है लगातार अपराध बढ़ता जा रहा है, जो कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है। गृहमंत्री को चूड़ी पहनकर बैठ जाना चाहिए।
जानकारी देते हुए शहर कांग्रेस महामंत्री अमित चंद्रवंशी ने बताया कि मंगलवार 17 जून को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज राजनांदगांव प्रवास पर थे। वे सीधे रायपुर से मोहड़ वार्ड पहुंचे जहां विगत दिनों रेत माफियाओं द्वारा अवैध रेत उत्खन्न का विरोध करने पर निर्दोष ग्रामीणों पर बंदूक तानकर गोलीकांड की घटना को अंजाम दिया था। मौका मुआयना करने पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में माफिया राज का बोलबाला है। निर्दोष ग्रामीण जो घटना में घायल जितेन्द्र साहू व ओमप्रकाश साहू से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को डंडे व गोली से बात कर रही है शासन-प्रशासन उन अपराधियों को बचाने में लगी है। अगर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी इस प्रकरण में लिप्त है तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

*इनकी जांच होनी चाहिए…*
अध्यक्ष श्री बैज ने सवाल उठते हुए कहा कि कौन है वो रेत माफिया, कहां से आए थे, उनके पास हथियार कहां से कैसे आया इनका अब तक जवाब नहीं मिल पाया है। जबकि माफियाओं ने जिस वाहन में आए थे उसका गाड़ी नंबर स्पष्ट है तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। शूटर बाहर प्रदेश से आते है, शासन-प्रशासन को पता नहीं क्या इसमें संदेह नहीं होता। कौन है संजय सिंह कहां से आए थे और कहां है बाकी शूटर की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। पूरा प्रदेश देख रहा है यह सरकार निकम्मी हो चुकी है अपराधियों का राज चरम पर है, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर में निर्दोष ग्रामीणों को मारा जा रहा है। पत्रकार को दौड़ाकर मारा जा रहा, क्या यही है सुशासन, गृहमंत्री अगर विभाग नहीं संभाल सकते तो उनको चूडी पहनकर बैठ जाना चाहिए। शासन-प्रशासन रेत के अवैध उत्खन्न नहीं रोकते तो हम कांग्रेसजन रोंकेगे किन्तु छग को यूपी व बिहार नहीं बनने देंगे, छग को जंगलराज नहीं बनने देंगे, जो भी अपराधी व शुटर है उस पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। आठ दिन हो गया है किन्तु मेन सरगना अब तक नहीं पकड़ा जाना बड़ा सवाल है। अगर आठ दिन में नहीं पकड़ जाता तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करने मजबूर होगी और इस पूरे मामले को लेकर सदन से सड़क तक लड़ने तैयार है कांग्रेस।
इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, डोगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा, कुतबुदुदीन सोलंकी, कमलजीत सिंह पिन्टू, रमेश डाकलिया, श्रीकिशन खंडेलवाल, पदम कोठारी, पीसीसी महासचिव शाहिद खान, थानेश्वर पाटिला, मेहुल मारू, डा.आफताब आलम, जिला कांग्रेस प्रभारी बृजेश शर्मा, पंकज बांधव, जिपं सदस्यद्वय विभा साहू, महेन्द्र यादव, जितेन्द्र मुदलियार, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, प्रवक्ता रूपेश दुबे, शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहम्मद यहया, महामंत्री हनी ग्रेवाल, विवेक वासनिक, ब्लॉक अध्यक्षद्वय सूर्यकांत जैन, आसिफ अली, संतोष पिल्ले, अमिन हुद्दा, शकील रिजवी, उत्तम साहू, मदन साहू, सुरेन्द्र देवांगन, संदीप जायसवाल, भोला यादव, राजिक सोलंकी, नीरज कन्नौजे, शेषनाथ, संदीप सोनी, शुभम पांडेय, राकेश चंद्राकर, स्वतंत्रदास साहू, कृतलाल पटेल, अशोक साहू, विजय अग्निहोत्री, शौर्य वैष्णव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस व ग्रामीणवार्डवासी उपस्थित थे।









































