
सर्वसमाज के आह्वान पर कल छत्तीसगढ़ बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर में भी बंद का असर दिखाई दिया। सुबह से ही बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग शहर में सभी दुकानों को बंद करने निकले। हालांकि सुबह से ही शहर की अधिकांश दुकानें स्वस्फूत बंद रही। वहीं कुछ दुकानें खुली थी, जिसे बंद कराया गया।

कांकेर जिले के आमाबेड़ा में धर्मांतरण मामले में शव दफनाने को लेकर उपजे विवाद के बाद यहां पर आदिवासियों पर हमला किया गया। इस पूरे मामले में स्थानीय शासन-प्रशासन, पुलिस और भीम आर्मी सहित ईसाई मिशनरियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए प्रदेश में बंद का आह्वान किया गया।
सर्वसमाज द्वारा आयोजित इस बंद के दौरान नेशनल हाईवे में शहर के रामदरबार चौक पर चक्काजाम कर दिया गया। लगभग 1 घंटे तक आयोजित इस चक्काजाम में दोनों ओर से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया।
इस बंद को चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी अपना समर्थन दिया था। जिसके चलते शहर की अधिकांश दुकानें सुबह से ही बंद रही। वहीं चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा भी कुछ खुली दुकानों को बंद कराया गया। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद ने कहा कि इस बंद को सभी व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया है बंद के आह्वान को लेकर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री नंदूराम साहू ने कहा कि आमाबेड़ा की घटना शासन-प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण हुई है।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों पर हुए हमले में उन्हें गंभीर चोट आई, लेकिन सीएमएचओ द्वारा मामूली चोंट बताया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एसपी, तहसीलदार, एसडीएम और सीएमएचओ की भूमिका संदिग्ध है। वहीं उन्होंने कहा कि धर्मांतरण को लेकर जल्द से जल्द कानून बनाया जाना चाहिए।
बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी खासी व्यवस्था की हुई थी। विभिन्न चौक-चौराहों में पुलिस बल तैनात किया गया था।









































