
राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी जिला राजनांदगांव के युवा समाजसेवी श्री विनोद कुमार टेम्बुकर को सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित मिथिला ग्लोबल सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 28 दिसंबर 2025 को मिथिला नगरी मधुबनी (बिहार) में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

अयाचीनगर युवा फाउंडेशन द्वारा संस्था के 9वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ग्लोबल यूथ कॉनक्लेव में देश के लगभग 15 राज्यों से चयनित उत्कृष्ट समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री टेम्बुकर को यह सम्मान मुख्य अतिथि पद्मश्री श्री शिवम पाशवान, अयाची नगर युवा फाउंडेशन संस्थापक श्री विक्की मंडल एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से प्रदान किया गया।
श्री विनोद कुमार टेम्बुकर (पिता—श्री शत्रुहन टेम्बुकर, माता—श्रीमती आशा टेम्बुकर) विगत कई वर्षों से राजनांदगांव जिले में युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीण समुदायों के बीच जागरूकता, नेतृत्व निर्माण एवं सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे यूनिसेफ एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित युवोदय कार्यक्रम के माध्यम से किशोरों एवं युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूक कर रहे हैं।
उन्होंने कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है तथा समाज सेवा के साथ-साथ राज्य की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इससे पूर्व उन्हें राज्य स्तरीय श्रेष्ठ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) पुरस्कार सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मुंबई, जम्मू-कश्मीर एवं अन्य राज्यों में कई राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर श्री विनोद कुमार टेम्बुकर ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनके माता-पिता के संस्कार, परिवार का सहयोग, मित्रों का स्नेह तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) परिवार का मार्गदर्शन और आशीर्वाद निहित है। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।
मिथिला ग्लोबल सम्मान उनके सामाजिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्वीकृति है, जो यह दर्शाता है कि समर्पण, संवेदनशीलता और निरंतर प्रयास से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।









































