राजनांदगांव: “इनक्यूबेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन…

किसी भी स्टार्टअप या व्यापार के लिए मेंटरशिप का होना आवश्यक : डॉ. आर. एन. पटेल

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इन्वेंशन तभी इनोवेशन बनता है जब वह मार्केट से जुड़ कर व्यापार करता हैं : डॉ. पटेल

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन में इनक्यूबेशन सेल के समन्वयक डॉ. केशव राम आडिल, कार्यशाला के आयोजन सचिव वंदना मिश्रा, एवं लिकेश्वर सिन्हा के मार्गदर्शन में “इनक्यूबेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ।

प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि सीमित साधनों में सकारात्मक संसाधनों पर तब्दिल करना ही स्टार्टअप है।

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि एनआईटी, रायपुर डॉ. आर. एन. पटेल ने बताया कि स्टार्टअप उसमें करो जिसमें आसपास के लोगों को फायदा हो लोगों के नीड को पहचानना और उसका समाधान करना ही स्टार्टअप है। अवसर को सृजन करना ही स्टार्टअप है। अगर समाज में समस्या है तो उसका समाधान भी है इस समाधान को तलाशना स्टार्टअप है उन्होंने अपने वक्तव्य में परंपरागत व्यापार एवं स्टार्टअप व्यापार के अंतर को समझाया। किसी भी आईडिया के साथ मार्केट का होना अति आवश्यक है और साथ में एक कुशल टीम का होना आवश्यक है तभी आपका व्यापार सफल हो पाएगा। जब इन्वेंशन मार्केट से जुड़ता है और व्यापार करता है तो वह इनोवेशन कहलाता है अगर इनोवेशन को व्यापार नहीं मिलेगा तो वह केवल इन्वेंशन बन कर सीमित हो जाएगा।

मुख्य अतिथि रुपेश कुमार चौबे, गोकुल ग्रामोद्योग पदुमतरा, राजनांदगांव ने आन्त्रप्रेन्योरशिप के बारे में बताया कि यह क्या है ऐसा विचार जो नया समाज के लिए उपयोगी होता है वही आन्त्रप्रेन्योरशिप है। ऐसा परंपरागत उत्पादों को नवीन रूप में बदलना एवं उसे जन उपभोग के लिए बनाना ही आन्त्रप्रेन्योरशिप है। कुछ ऐसा जो अभी तक किसी ने नहीं किया वहीं स्टार्टअप है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया से सरकार से प्राप्त होने वाली विभिन्न स्कीमों के तहत आर्थिक सहयोग के बारे में बताया। और अपने मशरुम उद्योग के अपने रिसर्च एवं उत्पादन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा किया। किसी भी उद्योग को सफल बनाने के लिए उसमें तकनीकी सहयोग की बहुत आवश्यकता होती है।

कार्यक्रम का संचालन वंदना मिश्रा और लिकेश्वर सिन्हा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक ल, अतिथि व्याख्याता, एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।