
राजनांदगांव। समग्र क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) राजनांदगांव में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कस्तूरबा महिला मंडल एवं इंडियन बैंक के सहयोग से उत्साहपूर्वक किया गया। यह केंद्र राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID) सिकंदराबाद के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत सीआरसी राजनांदगांव की निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री श्रीमती फुलबसन यादव, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना तथा कस्तूरबा महिला मंडल की प्रतिनिधि श्रीमती शारदा तिवारी, श्रीमती अलका जानी सहित उनकी टीम उपस्थित रही।
अतिथियों ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण के महत्व तथा समावेशी समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में दिव्यांग महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए प्रेरणादायक संदेश दिए।
इस दौरान डी.एड. आईडीडी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा महिला सशक्तिकरण विषय पर आधारित थीम नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। साथ ही सीआरसी राजनांदगांव द्वारा सहायक उपकरणों का वितरण भी किया गया। सुश्री चुनमुन मोहंती के मार्गदर्शन में 20 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, एल.एस. बेल्ट, नी ब्रेस और वॉकिंग स्टिक जैसे सहायक उपकरण अतिथियों के हाथों प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंतर्गत “सशक्त दिव्यांग महिला सम्मान समारोह” का आयोजन भी किया गया, जिसमें बौद्धिक दिव्यांगता, लोकोमोटर दिव्यांगता, सिकल सेल, श्रवण बाधिता तथा डाउन सिंड्रोम से संबंधित 11 दिव्यांग महिलाओं को उनके साहस और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कार्यक्रम में प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्वों और भारत की विभिन्न सांस्कृतिक झलकियों पर आधारित फैशन शो भी आयोजित किया गया, जिसने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों, मरीजों एवं स्टाफ के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम का समन्वयन सुश्री चांदिनी पटनाना एवं उनकी टीम ने किया, जबकि मंच संचालन डी.एड. आईडीडी द्वितीय वर्ष के छात्र तरुण ने किया। कार्यक्रम में लाभार्थियों, विद्यार्थियों, स्टाफ और अतिथियों की सक्रिय भागीदारी रही।
अंत में सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन यादगार बन गया।









































