
राजनांदगांव, 9 सितंबर 2026। वर्तमान मौसम में श्वसन संबंधी संक्रमणों की संभावना तथा प्रदेश में सामने आए कुछ मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से कोविड-19, मौसमी इन्फ्लुएंजा एवं स्वाइन फ्लू (एच1एन1) से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने नागरिकों से लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोविड-19, मौसमी इन्फ्लुएंजा और एच1एन1 संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में खराश, कमजोरी तथा सांस संबंधी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में एक से अधिक संक्रमण साथ भी हो सकते हैं।
विभाग ने सलाह दी है कि खांसी, जुकाम, बुखार या गले में खराश होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू अथवा कोहनी से ढकें। साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोने के साथ जरूरत के अनुसार हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। आंख, नाक और मुंह को अनावश्यक रूप से छूने से बचें तथा बीमार व्यक्ति के निकट संपर्क से परहेज करें।
लक्षण होने पर मास्क का उपयोग करने, विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों में मास्क पहनने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक आहार लेने और पर्याप्त आराम करने पर भी जोर दिया गया है। बुखार, खांसी या सांस संबंधी समस्या होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा नहीं लेने की अपील की गई है।
गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारी या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था में चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई है।
सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या जकड़न, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या चक्कर, होंठ अथवा त्वचा का नीला पड़ना, लगातार तेज बुखार, तेजी से बिगड़ती हालत जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
बच्चों में दूध या भोजन लेने में कठिनाई अथवा अत्यधिक सुस्ती तथा पहले से मौजूद बीमारी के अचानक बढ़ने पर भी तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लक्षण दिखाई देने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सामान्य सावधानियों का पालन करते हुए समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे जरूरी है। साथ ही नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा अपुष्ट जानकारी पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है।











































