
जिले के पहले रनर बने उमेश कारिकवार, 1800 प्रतिभागियों के बीच हासिल की शानदार सफलता; 32 देशों के खिलाड़ियों ने लिया था हिस्सा
राजनांदगांव। मेहनत, जुनून और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर शहर के धावक उमेश कारिकवार ने गोवा में आयोजित आयरनमैन रेस को 8 घंटे 10 मिनट 32 सेकंड में पूरा कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
इस उपलब्धि के साथ वे इस सीजन में गोवा आयरनमैन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रदेश और जिले के पहले रनर बन गए हैं।
गोवा के मीरामार बीच में आयोजित आयरनमैन प्रतियोगिता के छठवें संस्करण में देश-विदेश के करीब 1800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें 32 देशों के 746 विदेशी खिलाड़ियों ने भी अपनी चुनौती पेश की। प्रतियोगिता में निर्धारित समय के भीतर तीन कठिन चरणों को पूरा करना था।
इसमें 2 किलोमीटर समुद्र में तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21 किलोमीटर दौड़ शामिल थी। इन तीनों चुनौतियों को उमेश ने 8 घंटे 10 मिनट 32 सेकंड में पूरा कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रतियोगिता के लिए कुल 8 घंटे 30 मिनट का समय निर्धारित था। उमेश ने निर्धारित समय से करीब 20 मिनट पहले ही फिनिश लाइन पार कर ली। इस दौरान उनकी पत्नी प्रियंका कारिकवार ने लगातार हौसला बढ़ाया और उनका मनोबल बनाए रखा।
साइकिल के पुर्जे लेकर पहुंचे गोवा
उमेश कारिकवार इस चुनौती के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे थे। वे 28 अक्टूबर को अपनी साइकिल के पुर्जे लेकर गोवा रवाना हुए थे। वहां पहुंचकर उन्होंने साइकिल को असेंबल किया और प्रतियोगिता के लिए तैयार किया।
एक नवंबर की सुबह उन्होंने आयरनमैन की चुनौती पूरी कर यह उपलब्धि अपने नाम की। उमेश राजनांदगांव रनर्स ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इससे पहले भी वे दिल्ली, मुंबई और अन्य राज्यों में आयोजित मैराथन एवं विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुके हैं।
सतारा की पहाड़ियों से लेकर लद्दाख तक दिखाया दम
उमेश की यह सफलता उनकी लगातार मेहनत और कठिन अभ्यास का परिणाम है। इससे पहले वे महाराष्ट्र के सतारा की पहाड़ियों में आयोजित दौड़ में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
यहां बिना थमे 8 घंटे 30 मिनट में 65 किलोमीटर की दूरी पूरी कर उन्होंने द कोर्स अल्ट्रा रनर्स का खिताब जीता था। इस प्रतियोगिता में वे प्रदेश से हिस्सा लेने वाले अकेले खिलाड़ी थे।
देशभर से करीब 500 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया था। उमेश ने अंडर-35 से 45 आयु वर्ग में 11वां स्थान प्राप्त किया था।
इसके अलावा लद्दाख मैराथन में 17,600 फीट की ऊंचाई पर आयोजित विश्व की सबसे ऊंची सड़क पर माइनस 4 डिग्री तापमान में 72 किलोमीटर की दौड़ भी उन्होंने 13 घंटे 19 मिनट में पूरी की थी।
रोजाना छह घंटे करते हैं अभ्यास
उमेश अपनी फिटनेस को लेकर बेहद अनुशासित हैं। वे रोज सुबह करीब 4 बजे डोंगरगांव रोड पर रनिंग और साइकिलिंग का अभ्यास करते हैं। शिवनाथ नदी में तैराकी करना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। पिछले करीब 10 वर्षों से वे लगातार तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं।
अभ्यास के दौरान चोट लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। साइकिलिंग के दौरान ट्रक से टकराने पर उनके दाएं कंधे में चोट आई थी। इलाज और 10 दिन के बेड रेस्ट के बाद उन्होंने फिर अभ्यास शुरू कर दिया। आयरनमैन प्रतियोगिता की तैयारी के लिए वे रोजाना करीब छह घंटे अभ्यास करते रहे।
खुद फिट रहकर दूसरों को भी स्वस्थ रखने का लक्ष्य
उमेश केवल अपनी फिटनेस तक सीमित नहीं हैं। वे रनर्स ग्रुप से जुड़े अन्य युवाओं को भी शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें प्रशिक्षण देते हैं।
हाई जंप, लॉन्ग जंप, कम समय में तेज दौड़ने और लंबी दूरी की दौड़ में स्टैमिना बनाए रखने की तकनीक पर भी वे मार्गदर्शन करते हैं।
उनका उद्देश्य स्वयं फिट रहना और दूसरों को भी स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। उनकी इस उपलब्धि से राजनांदगांव के खेलप्रेमियों और युवाओं में उत्साह का माहौल है।










































