
राजनांदगांव जिले में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले और आगामी होली त्यौहार के मद्देनजर राजनांदगांव कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट सभागार में व्यापारी, पत्रकार, समाजसेवी संगठन, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों के लोगों की बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूर्णता पालन सुनिश्चित करने और आगामी होली त्यौहार के मद्देनजर उपस्थित लोगों से सुझाव मांगे। इस दौरान सभी क्षेत्र के लोगों ने कोरोना संक्रमण को रोकने और सुरक्षित त्यौहार मनाने को लेकर अपने अपने सुझाव दिए।

बैठक के दौरान राजनंदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कोरोना के संक्रमण से बचने दिए गए दिशानिर्देश का पालन करने की सभी से अपील की। उन्होने फाग प्रतियोगिता राजनैतिक रैली सभा धरना प्रदर्शन सामाजिक धार्मिक कार्यक्रम मे रोक लगाई है ।
बाजारों में उमड़ रही भीड़ और धारा 144 को लेकर कलेक्टर ने कहा कि बाजार खुला है तो भीड़ होगी। धारा 144 आयोजनों को रोकने के लिए लगाया गया है। लाक डाउन की स्थिति को लेकर कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 के तहत दिए गए दिशा निर्देश का सभी पालन करेंगे तो लॉकडाउन लगाने की स्थिति निर्मित नहीं होगी।
राजनांदगांव जिले में प्रतिदिन 150 से ऊपर कोरोना के नए मरीजों की पहचान हो रही है। कोरोना की इस दूसरी लहर से इसका खतरा और भी बढ़ता है नजर आ रहा है। राजनंदगांव मेडिकल कॉलेज कोविड-19 अस्पताल में 150 ऑक्सीजन युक्त बेड है जिनमें 110 मरीजों का अभी उपचार किया जा रहा है और इन मरीजों में से 80% मरीज ऑक्सीजन पर रखे गए हैं, जिससे वर्तमान में मिल रहे हैं पॉजिटिव मरीज की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कोरोना प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित कराने और आगामी होली त्यौहार के मद्देनजर की गई इस बैठक में उपस्थित मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी ने कहा कि सर्दी, खांसी, बुखार और डायरिया जैसे लक्षण होने पर तत्काल कोरोना जांच कराना चाहिए, जांच में देरी करने पर मामला जानलेवा साबित हो सकता है।
राजनांदगांव कलेक्टर ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 आपदा प्रबंधन अधिनियम का प्रयोग करते हुए होली मिलन समारोह सहित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति आगामी आदेश तक प्रतिबंधित की है, वहीं होलिका दहन में केवल 5 व्यक्ति ही शामिल होने की अनुमति दी गई है। जिले के सभी पर्यटन स्थलों में आम लोगों के प्रवेश को लेकर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके अलावा सभी प्रकार के धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, खेलकूद, मेला, समारोह पर प्रतिबंध लगाया गया है।
वहीं विवाह अंत्येष्टि दशगात्र जैसे आवश्यक कार्यों की अनुमति ली जाने से 50 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति दिए जाने हेतु गाइड लाइन जारी किया गया है। कलेक्टर के द्वारा जारी दिशानिर्देश के तहत दोपहिया वाहन में दो व्यक्ति और चार पहिया वाहन में चार व्यक्तियों को ही सवार होने की अनुमति दी गई है। कोरोना को देखते हुए जारी किए गए इस गाइडलाइन के तहत यात्रा कर लौटने पर सात दिवस का क्वॉरेंटाइन किया जाना अनिवार्य किया गया है, वहीं 5 से अधिक लोगों को एक जगह एकत्रित होने की अनुमति भी नहीं दी गई है।









































