राजनांदगांव 19-05-2021/ छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने कहा कि तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु नवंबर 2019 से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रोक लगाई गई थी पर 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए किया है कि इससे हजारो पीड़ित परिवार को योग्यता व पात्रता के आधार पर उचित अवसर का लाभ मिलेगा व परिवार खुशहाल होंगे।

एल बी शिक्षक संवर्ग शिक्षा विभाग के मूल पदों पर संविलियन होने के बाद 1 जुलाई 2018 से सैकड़ो प्रकरण लंबित है, साथ ही कोविड के दौरान भी सैकड़ो शिक्षको का निधन हुआ है, सरकार के इस निर्णय से ऐसे पीड़ित परिवार को अब उनका अधिकार मिल सकेगा।
पंचायत/नगर निगम संवर्ग के शिक्षकों के अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित 3400 मामले पर भी सरकार को टेट व डीएड को शिथिल कर अनुकम्पा नियुक्ति देने नियम बनाना चाहिए।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा लगातार अनुकम्पा नियुक्ति की मांग की जा रही थी। 13 अक्टूबर 2020 को मुख्यमंत्री , मुख्यसचिव व सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को शिथिल करने की मांग की थी, इसके अलावा ट्वीटर व फेसबुक में अभियान चलाकर तथा विधायकों व मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश भर के पदाधिकारी मांग को शासन तक पहुचाते रहे है, इसके साथ ही वर्तमान में प्रत्येक जिले से भी अनुकम्पा नियुक्ति देने मांग शासन तक पहुँचाया गया था।
जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की है अनुकंपा नियुक्ति में विज्ञान संकाय के अभ्यर्थियों को विज्ञान शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रदान किया जाए क्योंकि इस पद के लिए टेट व डीएड बीएड की अनिवार्यता नहीं है साथ ही संघ पदाधिकारियों ने मांग किया है कि सहायक शिक्षक पद के लिए शिक्षा के अधिकार कानून में संशोधन किया जाए व विशेष योग्यता टेट डीएड बीएड को शिथिल करते हुए नियुक्ति प्रदान किया जाए व योग्यता पूर्ण करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
कोविड-19 के कारण दिवंगत शिक्षकों को 50 लाख के बीमा कवर पर भी सरकार शीघ्र निर्णय लेवे
छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के तांता अध्यक्ष संजय शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष व संभाग प्रभारी विनोद गुप्ता प्रांती पदाधिकारी गण शैलेंद्र यादव, बाबूलाल लाड़े, राकेश तिवारी, शरद शुक्ला ने बताया कि
कोविड-19 के कारण आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को तात्कालिक आर्थिक सहायता के रूप में उत्तरप्रदेश सरकार ने 50 लाख का बीमा कवर देने, उत्तराखंड सरकार ने 10 लाख का बीमा कवर देने, मध्यप्रदेश सरकार ने 5 लाख रूपए की अनुग्रह राशि देने का निर्णय लिया है, इसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार को भी कोविड-19 के कारण दिवंगत शिक्षकों को 50 लाख के बीमा कवर पर भी शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षको की गैर कार्या में ड्यूटी बंद हो
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी गण जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा, जिला सचिव जीवन वर्मा, कोषाध्यक्ष हंस कुमार मेश्राम, प्रवक्ता मनोज वर्मा, मीडिया प्रभारी देवेंद्र साहू, जिला उपाध्यक्ष बृजेश वर्मा, चंद्रिका यादव, रूपेंद्र कुमार नंदे, बलदाऊ जंघेल, सुनील शर्मा, भागवत पटौती, ललिता कन्नौजे, पंचशीला सहारे, राजकुमारी जैन, फ्लेश साहू, उर्मिला वाडेकर, संदीप साहू, राजेश साहू, रति राम कन्नौजे, आदित्य तिवारी, सुकालू वर्मा, दानेश्वर लिल्हारे, संदीप वर्मा, सुरेंद्र कुमार सांडे, शिव वर्मा, श्रवण यदु, किशन देशमुख, प्रकाश साहू , ब्लॉक अध्यक्षगण संजय राजपूत, दिनेश कुरैटी, गिरीश हिरवानी, अनुराग सिंह, हरि, जितेन्द्र पटेल, अनिल शर्मा, निर्मला कसारे, मनीष पसीने ने जिले में अन्य विभाग अधिकारियों के द्वारा शिक्षको की लगातार गैर शैक्षणिक कार्यों में बगैर सुविधा प्रदान किए गलत तरीका से ड्यूटी लगाई जा रही है, जिसका छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने रोष प्रकट किया है और मांग की है अब शिक्षको की ड्यूटी लगाना बंद किया जावे ।
जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने कहा कि यह अन्य विभाग के अधिकारियो की तानाशाही को दिखाता है । विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते हुए शिक्षकों की ड्यूटी निरंतर लगाई जा रही है, यहां तक देखा जा रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी के द्वारा ड्यूटी ना लगा कर दूसरे विभाग के अधिकारी शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी मनमर्जी से लगा रहे हैं, जिसका जवाब विकास खंड शिक्षा अधिकारियों के पास नहीं है, बल्कि मूक दर्शक बन कर बैठे है।
इनकी गलती का नतीजा संभाग में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के चलते आकस्मिक निधन व संक्रमण की चपेट सबसे ज्यादा राजनांदगांव जिला में शिक्षक हुए , लगता है अधिकारियों को शिक्षकों की ड्यूटी लगाने में आंनद आ रहा है विडंबना है, जिसका दूषित परिणाम शिक्षकों के परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी एच सोम से दूरभाष में इन समस्याओ को लेकर चर्चा हुई है।
जिला शिक्षा अधिकारी एच .सोम के द्वारा अपने कर्मचारियो के प्रति सहनुभूति दिखाते हुए त्वरित आदेश क्र.3290 दिनांक 5/6/21 के तहत बीईओ व प्राचार्यो को आदेश कर समस्त स्वयत्तो का भुगतान कर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्रस्ताव मांगे गये हैं। परन्तु ऐसी तत्परता वि.खण्ड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्यो के द्वारा नही दिखायी गयी, और न ही कोई भी विकास खंड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्यो के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर गंभीर दिखे, जो कि निंदनीय है संघ ने ऐसे समस्त परिजनों को तत्काल मिलने वाले लाभ व अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है, व गंभीर न रहने वालो पर उचित कार्यवाही किया जाय, जिससे मृत परिजन को समय में लाभ मिल सके।










































