राजनांदगांव: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मोहला-मानपुर को एक नये जिले निर्माण की घोषणा के बाद अंचल के नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह एवं खुशी, नये नक्शे के साथ नया जिला बनकर उभरेगा मोहला-मानपुर…

राजनांदगांव 16 अगस्त 2021। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मोहला-मानपुर को एक नये जिले निर्माण की घोषणा के बाद अंचल के नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह एवं खुशी है। यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। शासन द्वारा मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्यान्न को प्राथमिकता देते हुए विशेष रूप से कार्य किए जा रहे हैं। अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करने के लिए सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

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प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने से इन क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। मोहला-मानपुर वनांचल क्षेत्र के नागरिकों को राजनांदगांव जिला मुख्यालय आने के लिए मीलों का सफर तय करना पड़ता था। अब मोहला-मानपुर नये नक्शे के साथ नया जिला बनकर उभरेगा।
संसदीय सचिव एवं मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने जिले को मिली इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया है।

उन्होंने कहा कि नया जिला बन जाने से इन क्षेत्रों में तेजी से उन्नति होगी। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि मोहला-मानपुर क्षेत्र के निवासियों को राजनांदगांव मुख्यालय आने में दिक्कत होती थी। आदिवासी बहुल्य क्षेत्र लगभग राजनांदगांव से 150 किलोमीटर की दूरी पर है। निश्चित ही मुख्यमंत्री ने उस क्षेत्र के आदिवासी किसान एवं मजदूर भाईयों की आवाज को सुनते हुए जनभावनाओं के अनुरूप मोहला-मानपुर को जिला बनाया है।

समाजसेवी एवं व्यवसायी संजय जैन ने कहा कि मोहला-मानपुर नया जिला बनने से आदिवासी अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। यह क्षेत्र वन संपदा एवं खनिज संपदा से समृद्ध है। यहां एशिया के सबसे अच्छे सागौन की लकड़ी को नई पहचान मिलेगी।

सुदूर ग्रामीण अंचल जो राजनांदगांव मुख्यालय से लगभग 165 किलोमीटर दूर नवागांव एवं सेंदूड़ी जैसे गांव है उन्हें राजनांदगाँव आने में दिक्कत थी। इसी बात का ध्यान रखते हुए संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मोहला-मानपुर को नया जिला बनाने के लिए आग्रह किया था और आज यह सपना पूरा हुआ।