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राजनांदगांव: सीआरसी ने शीघ्र हस्तक्षेप के लिए परिवार और सामुदायिक संसाधनों के योगदान विषय पर सीआरई कार्यक्रम का आयोजन किया…

राजनांदगांव 18 अगस्त 2021। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगता सशक्तिकरण संस्थान के अधीन संचालित समेकित क्षेत्रीय केंद्र राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के द्वारा 17 एवं 18 अगस्त 2021 को सीआरसी राजनांदगांव में कोविड-19 और भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली के नियमानुसार 2 दिवसीय ऑनलाईन कार्यक्रम शीघ्र हस्तक्षेप के लिए परिवार और सामुदायिक संसाधनों को योगदान विषय पर सीआरआई कार्यक्रम का ऑनलाईन आयोजन किया।

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जिसमें विभिन्न राज्यों से 86 रिहबिलिटेशन प्रोफेसनल शामिल हुए। समेकित क्षेत्रीय केन्द्र राजनांदगांव, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज रायपुर छत्तीसगढ़  एवं एम्स अस्पताल पटना के विभिन्न रिहबिलिटेशन प्रोफेशनल के द्वारा शीघ्र पहचान और शीघ्र हस्तक्षेप के बारे में बताया गया कि किसी बच्चे में देर से होने वाले विकासात्मक क्रिया जैसे- देर से चलना, देर से बैठना, देर से उठना, देर से दौडऩा, देर से बात करना इस प्रकार के बच्चों का हम शीघ्र पहचान करके हम बच्चे के जरूरत के अनुसार व्यावसायिक चिकित्सा, वाक् चिकित्सा, भौतिक चिकित्सा, मनोचिकित्सा, विशेष शिक्षा की सुविधा देकर बच्चे को दिव्यांग होने से बचा सकते हैं।

तथा इस प्रकार के पुनर्वास चिकित्सा के बारे में उनके पालक, समुदाय में रहने वाले लोगों को जागरूक करके इस प्रकार की थेरैपी का ट्रेनिंग देकर गांव और शहरों में इसका प्रचार-प्रसार करके इस प्रकार के बच्चों का हम सामान्य विकास कर सकते हैं। इस अवसर पर सभी रिहिबिलिटेशन प्रोफेशनल्स इस कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े हुए पुनर्वास चिकित्सा की जानकारी दी।

इस सीआरई वेबीनार कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक कुमार राजू के द्वारा किया गया। वेबीनार कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 4.30 बजे तक विभिन्न विभागीय विशेषज्ञों सहायक प्राध्यापक श्री राजेंद्र कुमार प्रवीण, सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञानिक विभाग श्रीदेवी गोडिशाला, वाक् एवं श्रवण विभाग समेकित क्षेत्रिय केन्द्र राजनांदगांव गजेन्द्र कुमार साहू एवं आडीयोलाजिस्ट इमरान अंसारी, आडीयोलाजिस्ट पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज रायपुर छत्तीसगढ  सच्चिदानंद सिन्हा, आडीयोलाजिस्ट एम्स अस्पताल पटना मंगल चंद्र यादव के द्वारा शीघ्र पहचान और शीघ्र हस्तक्षेप से होने वाले लाभ, पालक और समुदाय के लोग कैसे सहायता कर सकते हैं,  चिकित्सा टीम में कौन-कौन  होते हैं तथा सभी प्रोफेशनल का क्या कार्य होता इसके बारे में विस्तृत चर्चा की गई।

साथ ही साथ इससे प्रतिभागी को अपने क्षेत्र में इस प्रकार के सुविधा की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया जिससे समाज में मददगार होगा। इसके अलावा श्रीदेवी गोड़ीशाला किरण एमएचआरएच समन्वयक और गजेन्द्र कुमार साहू एमएचआरएच सदस्य समेकित क्षेत्रीय केन्द्र राजनांदगांव के द्वारा भारत सरकार के 24 ङ्ग 7 टोल फ्री मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास नंबर 1800-599-0019 के बारे मे जानकारी दिया गया। जिससे कि  इस कोविड महामारी में तनाव से मुक्त होने हेतु उपाय के सुझाव दिये गए।

इस आरसीआई वेबीनार कार्यक्रम के सभी सत्र बाद भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली के नियमानुसार प्रतिभागियों मूल्यांकन भी किया जाएगा एवं सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिससे प्रतिभागियों का आत्मबल बढ़ेगा और अपने मूल प्रमाणपत्र का नवीनीकरण में उपयोगी होगा।

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