रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम शुरू…

रायपुर, 05 जुलाई 2023 – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निवास कार्यालय में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क(रीपा) के गतिविधियों की समीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पहले युवाओं को प्रशिक्षण दें फिर रीपा से जोड़ें ताकि उद्यमशीलता बढ़े।
उन्होंने कहा कि कुछ बातों को ध्यान में रखनी जरूरी है।
जो उद्यम आ रहे हैं, उनकी फिजिबिलिटी भी देखें ताकि पूरी तरह से सफलता उद्यमियों को मिल सकें।

रीपा में अनेकों तरह की गतिविधि हो रही है।
बेकरी एवं खाद्य उत्पाद, मिलेट,परिधान, निर्माण आदि क्षेत्रों में अच्छा काम हो रहा है और उद्यमी आगे आ रहे है।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी उत्पादों ऑनलाइन आपूर्ति की व्यवस्था हो, सीमार्ट में इनकी उपलब्धता हो।
अधिकारियों ने बताया कि अन्य शॉपिंग मॉल में भी इनकी उपलब्धता पर बात की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादनकर्ता को बाज़ार से जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलता है।
गोबर पेंट के निर्माण और बिक्री के संबंध में चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय भवनों में रंगरोगन के लिए गोबर पेंट का उपयोग हो रहा है। निजी क्षेत्रों में भी इसकी बिक्री बढ़ाएं। बड़े निर्माण कार्यों जैसे हाउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट में इसे उपयोग किया जा सकता है।

रीपा की समीक्षा
90 प्रतिशत रीपा में वाईफाई सुविधा उपलब्ध है।
अधिकारियों ने बताया कि वाईफाई ज़ोन का बड़ा लाभ हुआ है।
वाई-फाई की सुविधा होने से 12 रीपा केंद्रों में रेस्टोरेंट अच्छे से संचालित है। रीपा में डिजिटल कनेक्टिविटी अच्छी होने के कारण युवा भी लाभ उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व में जो निर्देश रीपा के संबंध में दिए, उसकी समीक्षा भी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटली जुड़ने से इसका बड़ा लाभ सबको मिलेगा।
संभाग स्तरीय मिलेट कार्निवाल के लिए योजना तैयार हो रही है। गोबर पेंट के उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लिए जा रहे हैं।
रीपा के लिए तकनीकी सहायता हेतु सीएफटीआरआई में एक दल भ्रमण के लिए जाएगा। चूंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय का संस्था से अनुबंध है, अतएव तकनीकी सहायता वहां से भी मिल सकेगी।
तमनार के प्रभात पटनायक का उदाहरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। 18 लाख रुपये से प्रभात ने फेब्रिकेशन का काम रीपा में आरम्भ किया। इससे 4 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
आरंग का उदाहरण भी बताया गया कि कैसे हरेली को देखते हुए यहां पूजा किट तैयार की गई।
इसमे गेड़ी निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री निवास में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम शुरू

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 18 करोड़ 47 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन अंतरण किया

इसमें से 15 जून से 30 जून तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.52 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 5.05 करोड़ रूपए तथा

गौठान समितियों को 7.79 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 5.53 करोड़ रूपए की लाभांश राशि वितरित की गई

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को आज वितरित राशि को मिलाकर अब तक 507.14 करेाड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है

इसमें से गोबर विक्रेताओं को 247.12 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है

गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को अब तक 244.95 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है

छत्तीसगढ़ में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है

राज्य में 30 जून 2023 तक गौठानों में 123.56 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

महिला समूहों को आय मूलक गतिविधियों से अब तक 158 करोड़ 42 लाख रूपए की आय हो चुकी है

राज्य में गौठानों से 17,486 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 2,05,817 है

गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत एवं प्राकृतिक पेंट सहित अन्य सामग्री का भी उत्पादन किया जा रहा है

गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है

प्रदेश के 5959 स्वावलंबी  गौठानों द्वारा अब तक 64.61 करोड़ रुपए का गोबर अपने संसाधनों से खरीदा गया है

गोबर खरीदी के एवज में आज जारी 5.05 करोड़ रुपए की राशि मे से स्वावलंबी गौठनों द्वारा 2.92 करोड़ रुपए तथा कृषि विभाग द्वारा 2.13 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है

5419 गौठान 30 क्विंटल से ज्यादा गोबर की खरीदी कर रहे हैं