
छुईखदान । रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम व स्नेह का पर्व है। इसमें कलाई में राखी बांधने का विशेष महत्व है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। भाई भी इसे बखूबी निभाते हैं। तमाम तरह की राखियों से बाजार सज गया है। उत्साह के साथ खरीदारी शुरू है। बच्चे भी परिवार के साथ मनपसंद राखियां खरीदते दिख रहे हैं। रंग-बिरंगी आकर्षक राखियों से बाजार सज गए हैं।
आमतौर पर बाजार में तीन रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखी उपलब्ध है। मांग पर विशेष राखियां भी मिल रही हैं। पर्व के लिए कपड़े, ड्राई फ्रूट्स से लेकर गिफ्ट आइटम बेचने वालों की दुकानों पर भी रौनक दिख रही है। बस स्टैंड, बाजार रोड, मेन बाजार समेत कई जगहों पर दुकानें सजी हैं। महिलाओं द्वारा . रेशमी, डोरी वाली, डायमंड फैशनेबल , राखियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं।
इनकी कीमत 40 रुपये से अधिक है। साड़ियों और रेडिमेड का व्यापार उछाल परः वैसे तो रक्षाबंधन पर भाई-बहन को दिए जाने वाले गिफ्ट में सबसे ऊपर कपड़े ही हैं। इन दिनों भी सबसे ज्यादा भीड़ साड़ियों और रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर रहीं।
नई पीढ़ी इस मौके पर चाकलेट्स, मोबाइल, खिलौने, गेम्स, स्टेच्यू, फ्रेम फोटो जैसे नए प्रकार के गिफ्ट देने का चलन बढ़ा रही है। बदलते दौर के साथ पसंद व परंपरा भी बदल रही है। एक जमाना था जब सादे रेशमी धागे व सितारों से जड़ी राखी को बहन अपने भाई की कलाई पर बांधती थीं। रेशमी धागा व सितारों की जगह अब फैंसी राखियों ने ले ली है।
तिथि को लेकर लोगो में असमंजसः
रक्षाबंधन और तीज के त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। लेकिन इस वर्ष रक्षाबंधन की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है कि 30 को है या 31 अगस्त को।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन का शुभ मुहुर्त 30 अगस्त को रात्रि 9:01 बजे के बाद का रहेगा। 31 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि 7: 5 बजे तक रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार 31 अगस्त को उदय कालीन तिथि प्रातः काल में इस बार मनाना शुभ है। रात्रि काल में इस त्योहार को मनाना नियम विरुद्ध रहेगा।









































