
राजनांदगांव। Composite Regional Centre (CRC) Rajnandgaon में अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर दिवस हर्षोल्लास, समावेशिता और सामुदायिक सहभागिता के साथ मनाया गया। यह संस्थान National Institute for the Empowerment of Persons with Intellectual Disabilities (NIEPID), सिकंदराबाद के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित है। कार्यक्रम में हितग्राही, विद्यार्थी, स्टाफ एवं अतिथियों सहित कुल 80 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
सुबह का सत्र : खेल एवं जागरूकता गतिविधियाँ
कार्यक्रम के प्रथम चरण में व्हीलचेयर रेस का आयोजन किया गया, जिसमें 8 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने साहस, कौशल और खेल भावना का परिचय दिया। इसके पश्चात टारगेट टॉस गेम आयोजित किया गया, जिसमें 9 प्रतिभागियों ने भाग लेकर समन्वय एवं एकाग्रता का प्रदर्शन किया।
द्वितीय सत्र : प्रेरणा, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुति
सीआरसी ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे सत्र में श्री पुखराज बाफना ने प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर दिवस के महत्व, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सुगम्यता एवं सहायक उपकरणों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन हुआ।
इस अवसर पर डी.एड. (आईडीडी) प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा एक भावपूर्ण नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं की चुनौतियों एवं समाज में समावेशन की आवश्यकता को दर्शाया गया।
सहायक उपकरणों का वितरण
कार्यक्रम के अंतर्गत 12 हितग्राहियों को व्हीलचेयर, ट्राइपॉड, टेट्रापॉड, टीएलएम किट, एलएस ब्रेस एवं नी-ब्रेस जैसे सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है।
समन्वय एवं सहयोग
कार्यक्रम समन्वयक सुश्री चुनमुन मोहंती के मार्गदर्शन में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। खेल प्रबंधन श्रीमती पूजा साहू, नाट्य तैयारी श्रीमती अंजली पांडेय, फोटोग्राफी श्री भानुप्रताप साहू, जलपान व्यवस्था श्रीमती मुक्ता साहू, वितरण सहयोग श्री विजय कुमार एवं श्री अमूल्य, एंकरिंग सुश्री फरीदा बेगम तथा तकनीकी सहयोग श्री गुपेंद्र कुमार साहू द्वारा प्रदान किया गया।
अंत में सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों को जलपान कराया गया।
अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर दिवस का यह आयोजन जागरूकता, समावेशन और सशक्तिकरण के संदेश को सुदृढ़ करता हुआ प्रेरणादायी रहा।










































