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जगदलपुर : आधुनिक तकनीक और जैविक खेती से मिला किसान संतु को आर्थिक लाभ…

जगदलपुर, 29 सितम्बर 2021विकासखण्ड दरभा के ग्राम चितापुर के युवा कृषक श्री संतु ने कृषि विभाग के शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर जैविक खेती करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। कृषक संतु ने अपने पिता श्री चेंदरू के समान कृषि को ही अपना मुख्य व्यवसाय बनाया है। पैतृक जमीन पर संतु ने परंपरागत खेती करते हुए सालभर में केवल एक ही मौसम (वर्षा आधारित खेती) में फसल ले पाते थे। कृषक द्वारा सिचंाई क्षेत्र में विस्तार कर वर्ष भर फसल प्राप्त कर आमदनी बढ़ाने हेतु प्रयास किये जा रहे थे। कृषक की दृढ़ इच्छाशक्ति एवं विभागीय मैदानी कृषि अधिकारियों के सहयोग से कृषक ने वर्ष 2019-20 में सौर सुजला योजनान्तर्गत सोलर पंप एवं स्प्रिंकलर सेट विभागीय अनुदान पर प्राप्त किया।

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सिंचाई की व्यवस्था होने के कारण कृषक अब वर्षभर में दो से तीन फसल प्राप्त करने लगे जिसके फलस्वरूप आमदनी में वृद्वि होने के साथ साथ जीवन स्तर में भी आवश्यक एवं लाभकारी बदलाव आये। क्षेत्रिय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में कृषक ने धान की उन्नत ‘‘सिस्टम ऑफ राईस इन्टेनसिफिकेशन‘‘ (एसआरआई) तकनीक से खेती प्रारंभ की। जिसमंे प्रति एकड़ मात्र 4 से 5 किलोग्राम धान के बीज का उपयोग कर 14 से 16 दिन की पौध को पैडी मार्कर की सहायता से धान की रोपाई एक निश्चित दूरी ;25ग25 से.मीद्ध में की जाती हैं। जिससे की पौधो की पर्याप्त बढ़वार होने के कारण उत्पादन अधिक प्राप्त होता हैं साथ ही खेती की लागत में कमी आती है।


        सिंचाई सुविधाओं में विस्तार होने के पश्चात कृषक द्वारा धान के साथ लघुधान्य, दलहन, तिलहन एंव सब्जियों की खेती प्रारंभ की गई जिससे की खाद्य सुरक्षा के साथ ही साथ कृषि जोखिम कम होता गया। फलस्वरूप कृषक ने पूर्व की तुलना में लगभग 54 हजार रूपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त किया। साथ ही कृषक द्वारा पौध संरक्षण यंत्र एवं अन्य आवश्यक उपकरण अनुदान में प्राप्त किये।


        जैविक विकासखण्ड दरभा के कृषक श्री संतु द्वारा पूर्णतः जैविक विधि से खेती की जा रही है। कृषक द्वारा गुणवत्ता युक्त वर्मीकम्पोस्ट एवं नाडेप कम्पोस्ट, (जैविक खाद) स्वयं उत्पादन कर रहे है। जिससे की आवश्यक उर्वरक-खाद हेतु बाजार पर निर्भरता नही रही है। इसके साथ ही साथ आत्मा योजनान्तर्गत जैविक कीटनाशी निर्माण प्रशिक्षण प्राप्त कर कृषक स्वयं कीटनाशक का निर्माण कर फसल में उपयोग कर रहें है। जिससे की उच्च श्रेणी के उत्पाद प्राप्त हो रहे है। कृषक द्वारा वर्तमान में परम्परागत कृषि विकास योजना, आत्मा योजनान्तर्गत संुगधित धान, तरूणभोग, बादशाहभोग, लघुधान्य कोदो, अरहर, साग-सब्जी आदि की खेती की जा रही है। कृषक श्री संतु की लगन, दृढ़ निश्चय से यह सिद्व होता है कि, कृषि के क्षेत्र में उन्नत तकनीको के समावेश से निश्चित रूप से गुणवत्ता युक्त उत्पाद प्राप्त हो सकते है। साथ ही कृषको की आर्थिक आत्मनिर्भरता की परिकल्पना भी साकार हो सकती है। कृषक श्री संतु के द्वारा प्राप्त की गई सफलता से प्रोत्साहित होकर आस-पास के कृषक भी कृषि के क्षेत्र में उन्नत तकनीक को अपना रहे है।

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