
राजनांदगांव 18 सितम्बर। जिला कार्यालय समाज कल्याण जिला राजनांदगांव द्वारा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (।स्प्डब्व्) राष्ट्रीय क्योश्री योजना (त्टल्) और (।क्ैप्च्) योजना के अंतर्गत निकाय क्षेत्र के दिव्यांगजनों/वरिष्ठजनों को जीवन सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु मुल्यांकन शिविर का आयोजन दिनांक 22 सितम्बर 2026 दिन मंगलवार को प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक गांधी सभागृह राजनांदगांव में जनपद पंचायत राजनांदगांव एवं नगर निगम क्षेत्र राजनांदगांव के दिव्यांग जनों का मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें आवश्यकता अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण 40 प्रतिशत से उपर के दिव्यांग जनों को उपलब्ध कराने हेतु चिन्हांकित किया जावेगा।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने दिव्यागजनांे से शिविर का लाभ लेकर सहायक उपकरण प्राप्त करने की अपील की है वही निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकामन ने कहा कि एैसे वरिष्ठजन जिनकी मासिक आय प्रमाण पत्र 14500 रू. प्रतिमाह से कम हो का प्रमाण पत्र तथा अपने साथ निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड की छायाप्रति, पास पोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से लाकर शिविर स्थल पर उपस्थित होना सूनिश्चित करें।
जिन्हें सहायक उपकरण मेें व्हील चेयर,व्हील चेयर कमोड,स्टूल विथ कमोड, वर्किंग स्टीक, बैसाखी 3साइज, टेट्रापेड, फोल्डिंग वाकर सरवाइकल कालर,श्रवण यंत्र, स्पाइनल स्पोर्ट, फुट केयर किट, वनी ब्रेस, पॉलिमर जेल, एल एस बेल्ट, वाकर फोल्डिंग, चस्मा आदि सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जायेगा।
आयुक्त श्री मरकाम ने बताया कि इसी प्रकार दिव्यांगजन जिनकी मासिक आय 14500 रू. प्रतिमाह से कम हो का प्रमाण पत्र तथा दिव्यंगता प्रमाण पत्र यू डी आई डी कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, आधारकार्ड, निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांग फोटो पास पोर्ट साइज अनिवार्य रूप से लाकर शिविर स्थल पर उपस्थित होना सूनिश्चित करें।
जिन्हें ट्रायसायकल, फोल्डिंग व्हील चेयर, मोटराइज्ड ट्राय सायकल, बैसाखी कोहनी साइज एवम बैसाखी छोटा मीडियम बड़ा, वार्किंक स्टीक, ब्रेलकेन फोल्डिंग, ब्रेल किट, रोलेटर 2साइज, श्रवण यंत्र, सी पी चेयर, लेप्रोसी शू, मोबाइल फोन, सुगम्य केन, टी एल एम किट, कैलिपर्स, जॉय स्टीक व्हील चेयर आदि सहायक उपकरण प्रदान किया जायेगा। साथ ही मोटराइज्ड ट्राय सायकल हेतु 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होनी चाहिए।











































